नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में बाराबंकी न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

शमीम अंसारी जैदपुर बाराबंकी

बाराबंकी न्यायालय द्वारा नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म से सम्बन्धित 02 अभियुक्तों को आजीवन कारावास व 2,30,000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया –*

श्रीमान पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 लखनऊ द्वारा दिये गये आदेशों के क्रम में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री दिनेश कुमार सिंह के निर्देशन में जघन्य अपराधों में लिप्त अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध वैज्ञानिक विधि से साक्ष्य संकलन एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचनात्मक कार्यवाही करते हुए *“Operation Conviction”* कार्ययोजना के तहत मॉनीटरिंग सेल में नियुक्त अधि0/कर्म0गण/पैरोकार द्वारा मा0 न्यायालय में प्रभावी पैरवी व साक्ष्य हेतु महत्वपूर्ण गवाहों को प्रस्तुत कराकर न्यूनतम समय में अधिकतम सजा दिलाये जाने की कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में *सतरिख* पर *नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म* के सम्बन्ध में पंजीकृत मु0अ0सं0 44/2017 धारा 363/366/376डी भादवि, ¾(2) पॉक्सो एक्ट से सम्बन्धित अभियुक्तगण *1. शिब्बू यादव 2. कुन्नी उर्फ सुभाष यादव* पुत्रगण सजीवन लाल यादव निवासीगण छत्रपालन मजरे दुल्हीपुर थाना सतरिख जनपद बाराबंकी को उपरोक्त धाराओं में मा0 न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट नं0-44 बाराबंकी द्वारा दोष सिद्ध करते हुए *आजीवन कारावास व 2,30,000/- रूपये के अर्थदण्ड* से दण्डित किया गया। उक्त कार्यवाही से जनता में न्याय के प्रति विश्वास बढा तथा पुलिस पैरवी के इस प्रयास की जनता द्वारा भूरि भूरि प्रशंसा की गयी। *उपरोक्त अभियोग श्रीमान पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 लखनऊ द्वारा चलाये जा रहे महिला सम्बन्धी/जघन्य सनसनीखेज अपराध के तहत चिन्हित अभियोग है ।*

*संक्षिप्त विवरणः-*
दिनांक 20.01.2017 को अभियुक्तगण के विरुद्ध वादी की नबालिग पुत्री को बहला-फुलाकर भगा ले जाने व दुष्कर्म किये जाने के सम्बन्ध में दी गई। उक्त सूचना के आधार पर थाना सतरिख पर मु0अ0सं0 44/2017 धारा 363/366/376डी भादवि, 3/4 पॉक्सो एक्ट, 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट बनाम 1. शिब्बू यादव 2. कुन्नी उर्फ सुभाष यादव पुत्रगण सजीवन लाल यादव निवासीगण छत्रपालन मजरे दुल्हीपुर थाना सतरिख जनपद बाराबंकी पंजीकृत किया गया। तत्कालीन विवेचक द्वारा साक्ष्य संकलन कर वैज्ञानिक विधि से विवेचना पूर्ण कर अभियुक्तगण के विरुद्ध माननीय न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। मा0 न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण को धारा 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट में दोषमुक्त किया.

 

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