7 दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतिम दिन स्वयंसेवक/ स्वयंसेविकाओं द्वारा साक्षरता रैली निकालकर हौजपुर तालाब पर लगाये गये पेड़ो की सिंचाई की गयी।
अवधेश कुमार वर्मा
बाराबंकी। वीणा सुधाकर ओझा महाविद्यालय ज्योरी मसौली बाराबंकी में चल रहे 7 दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतिम दिन स्वयंसेवक/ स्वयंसेविकाओं द्वारा साक्षरता रैली निकालकर हौजपुर तालाब पर लगाये गये पेड़ो की सिंचाई की गयी।
कार्यक्रम की शुरुआत जेनेस्मा हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनिता सिंह ने कहा कि शिक्षा बिना मानव जीवन अधूरा है। हमें स्वयं शिक्षा प्राप्त करने के साथ ही दूसरों को भी शिक्षा के प्रति जागरूक करना चाहिए। महाविद्यालय के समन्वयक दिनेश सिंह के नेतृत्व में शिविरार्थियों ने हौजपुर गांव के तालाब पर जाकर साफ-सफाई का कार्य किया तथा तालाब के किनारे लगे वृक्षों की सिंचाई की गयी साथ ही शिक्षा जागरूकता रैली निकाली और शिक्षाप्रद स्लोगन लिखे बैनर पोस्टर हाथों में लेकर ग्रामीणों को साक्षरता का संदेश दिया। छात्रों ने निरक्षरों को अक्षर ज्ञान भी कराया।
प्राचार्य डॉ राम सुरेश वर्मा ने मोमेंटो व अंग वस्त्र देखकर सम्मानित किया तथा अपने उद्बोधन में कहा कि – तरक्कियों को नई कतार दें, उन्होंने निरक्षरता को हटाने व साक्षरता को बढ़ाने के बारे में बताया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राम सुरेश वर्मा ने कहा कि सब पढ़े सब बढ़े योजना देश को शिक्षित करने के लिए बनाई गई है। यह योजना देश की उन्नति व विकास में सहायक साबित हो रहा रही है ।कार्यक्रम अधिकारी वंदना ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति का जन्म सिद्ध अधिकार है। कार्यक्रम का संचालन उप कार्यक्रम अधिकारी गुलाम नबी ने किया कार्यक्रम में डॉ अर्चना सिंह विष्णु मिश्रा, जितेंद्र यादव ,अमरदीप ,जीशान, आराधना वर्मा, प्रदीप आदि उपस्थित रहे।