बदायूं निजी स्कूल संचालक सरकार एवं जिलाधिकारी के आदेशों की जमकर उड़ा रहे धज्जियां। सोमवार शनिवार के दिन भी खुले रहते हैं स्कूल जिलाधिकारी के आदेशों का नहीं है कोई असर।
मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं
स्कूल वैन बिना फिटनेस के 26 बच्चे भर कर ले जा रही ओमनी कार। निजी स्कूल संचालक बच्चों की जिंदगी से करते हैं खिलवाड़। एक ओमनी कार में 26 से 28 बच्चे कूच कर भर कर ले जाते हैं स्कूल।

बदायूं में निजी संचालक स्कूल किसी भी जिलाधिकारी या प्रशासन के आदेशों को नहीं मानते एक तरफ शासन और जिलाधिकारी में शनिवार से लेकर सोमवार तक सभी स्कूलों को बंद रहने के आदेश दिए तो वहीं निजी संचालक जमकर आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए नजर आए तथा निजी संचालक स्कूलों की गाड़ियां भी राम भरोसे हैं एक बिना फिटनेस कार में जो 7 सीट की है उसमे 28 बच्चे कूच कूच कर भरे जाते हैं शासन और प्रशासन पर इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता जब कोई हादसा होता है तो प्रशासन की नींद खुल जाती है लेकिन हादसे से से पहले कोई भी उच्च अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं देता।
आपको बता कि दरअसल पूरा मामला बदायूं के हजरतपुर थाना क्षेत्र में बने हजरतपुर में जैतपाल पब्लिक स्कूल का है जहां पर शनिवार और सोमवार दोनों दिन स्कूल खुले मिले जबकि जिलाधिकारी ने पहले ही सभी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए थे वहीं दूसरी तरफ एक ओमनी कार में जिसकी क्षमता 7 सवारी की होती है उसमें बिना फिटनेस के 28 बच्चे भरे जाते हैं उनकी तरफ किसी भी प्रशासनिक अधिकारी का कोई ध्यान नहीं रहता जबकि मोटरसाइकिल पर अगर तीन सवारी होती है तो उनका चालान काट दिया जाता है लेकिन ऐसे स्कूल की गाड़ियों पर जो बच्चों की जिंदगी से खेल रहे हैं उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती आखिर ऐसा क्यों ऐसी ही लापरवाही से 2 वर्ष पूर्व बदायूं के ओसामा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक ओमनी कार का एक्सीडेंट हुआ था जो एक निजी संचालक की थी जिसमें 7 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हुई थी लगभग 15 से अधिक बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए थे जिसमें से अभी भी एक दो बच्चे जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं जिसमें कई परिवार तबाह हुए थे प्रशासन को ऐसे निजी संचालक स्कूलों पर जो बच्चों की जिंदगी से खेल रहे हैं सख्त कार्रवाई करनी चाहिए प्रशासन जब कोई हादसा हो जाता है तब प्रशासन की नींद खुलती है अगर हादसे से पहले ही ऐसे संचालकों पर कार्रवाई हो जाए तो हादसे ही ना हो अब देखना यह होगा कि ऐसे निजी संचालकों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है या फिर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की जाती है।
मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं

