समाज सुधारने के लिए सामाजिक सम्बन्धो को ठीक करना जरूरी-डॉ चंद्रशेखर प्राण बिरजू संस्थान द्वारा आयोजित किया गया समाज सेवियों का नेतृत्व विकास प्रशिक्षण
पत्रकार शमीम अंसारी: बाराबंकी एसएम न्यूज़ 24 टाइम्स 03 अगस्त 2025
विवेकवान नेतृत्वकर्ता में समझदारी व ईमानदारी आवश्यक गुण होना चाहिए-अरुण तिवारी ग्रामीण नेतृत्व विकास का दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न, पंचायत राज व्यवस्था के संस्थागत रूप में विकसित करने पर केंद्रित हुआ प्रशिक्षण
बाराबंकी। समाज को सुधारने के लिए सामाजिक सम्बन्धो को ठीक करना जरूरी है, यह सामाजिक सम्बंध कानून से नही परस्पर संवाद से ठीक होंगे।
यह विचार तीसरी सरकार अभियान उत्तर प्रदेश, पंचपरमेश्वर विद्यापीठ, मिशन समृद्धि और बिरजू संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में चाइल्ड फ्रेन्डली स्कूल ग्राम छंदवल में ग्रामीण नेतृत्व विकास का आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण के समापन सत्र में पंचपरमेश्वर विद्यापीठ के कुलगुरु, तीसरी सरकार अभियान के संस्थापक डॉ चंद्रशेखर प्राण ने प्रतिभागियों को विवेकवान नेतृत्व की बारीकियां बताते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि समाज का व्यहार सम्बंध है और भाईचारा अभीष्ट है, आज समाज में सम्बन्ध और भाईचारा दोनों बिगड़ रहे हैं, जिसे राज्य सत्ता द्वारा कानून रूपी दवा से यह बीमारी ठीक नही हो सकती है। पानी पत्रकार अरुण तिवारी ने बताया कि विवेकवान नेतृत्वकर्ता में समझदारी के साथ ही ईमानदारी और संवेदनशीलता जरूरी है। मिशन समृद्धि के प्रोग्राम कॉर्डिनेटर पंकज तिवारी ने ग्राम सभा को संस्था के रूप में स्थापित करने पर बल दिया। प्रतिभागी शैलेंद्र सिंह ने कहा कि युवाओं को विवेकवान नेतृत्व का पाठ उनके शैक्षणिक जीवन से ही पढ़ाना चाहिए, इसपर डॉ प्राण ने बताया कि विवेकवान नेतृत्व का पाठ्यक्रम तैयार किया गया है जो प्रदेश के चार विश्वद्यालयों में लागू हो रहा है, आधा दर्जन विश्वद्यालयों में लागू होने की प्रक्रिया में है। इस मौके पर प्रशिक्षण की सफलता और उसके महत्ता को देखते हुए प्रतिभागियों द्वारा आगामी महीनों में जिले में अन्य कालेजो में भी आयोजित करने की स्वतः रणनीति बनाई गई। आयोजक संस्था बिरजू संस्थान के अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। अपने फीडबैक में प्रतिभागी साहब नारायण शर्मा ने कहा कि साहित्य सृजन कर प्रशिक्षण से सीखी गई बातों को आगे बढ़ाएंगे। ऋषभ देशमुख ने कहा कि हम एक गांव चुनकर उसको जागरूक करने का काम करेंगे। वहीं हरिनंदन सिंह ने बताया कि सामाजिक व्यक्तियों का लक्ष्य निर्धारण कैसे करना है यह सीखा।
शिशुपाल ने बताया कि हमने नेतृत्व क्या है इसकी बारीकी सीखी है जो हम अपने कार्यों अच्छे से कर सकेंगे।

