बिसौली। के.बी. हिंदी सेवा न्यास द्वारा मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता हरस्वरूप शर्मा ने की। गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि अशोक दुबे एवं न्यास अध्यक्ष डॉ. सतीश चन्द्र शर्मा ‘सुधांशु’ द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। डॉ. सुधांशु ने वाणी वंदना की।श्रीपाल शर्मा ‘शमन’ने कहा मक्का वाले मक्का जाओ, मिलते खुदा मदीने में। हम तो हनुमत के दीवाने, राम मिलेंगे सीने में। अशोक कुमार द्विवेदी ने कहा बेटी की शादी कर दी तो पापा रिश्तेदार हो गए, ज़ब से बहुयें घर में आईं वे रद्दी अख़बार हो गए। डॉ. सतीश चन्द्र शर्मा ‘सुधांशु’ ने सुनाया खोज रहे परिवार का, बचा खुचा आधार। वारिस अपने वंश के, दो-दो लड़के यार। विजय कुमार सक्सेना ‘विजय’ ने सुनाया एक नाम परमात्मा, है जग में विख्यात। बख्शी है जिसने हमें, खुशियों की सौगात। रामकृपाल तिवारी ने कहा मेरी बेचैनियाँ देखो तुम्हें मैं याद करता हूँ। सोचता रहता हूँ तुमसे मिलन फरियाद करता हूँ। हरस्वरूप शर्मा ने कहा माया को तो सब भजें माधव भजे न कोय। मॉधव को यदि जो भजे माया चेरी होय। कार्यक्रम का संचालन विजय कुमार सक्सेना विजय ने किया।
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