टी आई के संरक्षण में चल रही बड़ा खेल गोपनीय कोडवर्ड लिखी ईको, एंट्री फीस में देनी होती है महीने दारी शहर के बॉर्डर पर यातयात प्रभारी करवाते बड़े वाहनों से उगाही, शहर में जाम से राहगीर परेशान
मुकीम अहमद अंसारी
बदायूं। शहर के पुलिस लाइन चौराहे पर (R) और (S) कोडवर्ड वाली गाड़ियों के द्वारा टू स्टार टीआई के इशारे पर उगाही हो रही है खानापूर्ति के लिए अपने चाहतों के छुट मुट चालान कर देते हैं जिसकी वजह से चौराहे पर जाम की स्थिति बनी रहती हैं। वहीं सूत्रों की मानें तो कुछ चुनिंदा ईको गाड़ियां सफेद प्राइवेट कमर्शियल और आटो पीले रंग की नंबर प्लेट की भी हैं, जिनके चालकों के द्वारा उगाही करके महीनेदारी यातयात प्रभारी को दी जाती हैं। और बिना प्रभारी की मर्जी से पुलिस लाइन चौराहे पर ईको गाड़ियों को कोई यातयात सिपाही भगा सकता हैं “सबब यह है कि” प्रभारी के निर्देशन में यातयात सिपाहियों के नाम से कुछ ईको गाड़ियां चलती है इसलिए भी जाम की स्थिति बनी रहती है। प्रभारी का दबदबा होने की वजह से भ्रष्टाचार की बात दबी जुबा से कह तो सब लोग कर रहे मगर कोई खुल कर नहीं बोल पा रहा हैं। अगर उच्चाधकारियों के द्वारा इसकी धरातलीय गोपनीय जांच होती है तो भ्रष्टाचार में टीआई समेत कई सिपाही लिप्त पाए जाएंगे। यातयात प्रभारी जाम से निजात दिलाने के दाबे तो बड़े बड़े कर रहे मगर शहर में जाम की स्थिति से निजात नहीं दिला पा रहे हैं। प्रभारी शहर के बाहर बड़े सरकार के आगे या फिर मेडिकल कालेज से पहले या नवादा बाईपास पर बड़े वाहनों को रोक कर चालान के नाम पर अपने खास सिपाहियों से खुलेआम वसूली करवाते हैं।
ट्रैफिक प्रभारी अपने गणित में तो पास है, मगर नो पार्किंग जोन में खेल, अतिक्रमण और जाम की व्यवस्था में फेल होते नजर आ रहे हैं, जबकि तत्कालीन डीएम मनोज कुमार ने ऑटो स्टैंड शहर के बाहर बनाने के निर्देश थे। उसके बाद स्थिति जस की तस बनी हुई हैं बावजूद उसके पुलिस लाइन चौराहे, आंबेडकर पार्क, रोड़वेज, लावेला चौक पर ईको गाड़ियां व ऑटो करीब पंद्रह मिनट तक वहां खड़े रहते है। जबकि आंबेडकर पार्क रोड़ पर महिला पुरुष सरकारी अस्पताल और कचहरी आने जाने वाले राहगीर गंभीर मरीजों को लेकर एंबुलेंस यहां से गुजरती हैं। स्थानीय लोगों को कहना है कि प्रभारी की तानाशाही की वजह से यातायात कर्मी मूकदर्शक बनकर खड़े रहते हैं अपने मोबाइल को देखते रहते है और लोग जाम फंसे रहते हैं। इस दौरान नो पार्किंग जोन का उल्लंघन करते आधा दर्जन से अधिक ईको, ऑटो वाले नजर आते हैं।
ईको गाड़ियां पुलिस लाइन पर सड़क के किनारे खड़ी रहती है यही वजह है कि चौराहे पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है।
वहीं सूत्रों की मानें तो यातायात प्रभारी द्वारा डग्गामार वाहनों से महीने में एंट्री फीस के नाम पर उगाही की जाती है “डबलडेकर” बसों से लालपुल ,पुरानी चुंगी और नवादा में यातायात प्रभारी द्वारा एंट्री फीस के नाम पर प्रति बस से 2000 हजार से लेकर 3000 तक की उगाही की जाती है।
टू स्टार टीआई को कई बार माननीयों के आशीर्वाद से ट्रैफिक का प्रभार मिल चुका है।
एआरटीओ हरिओम गौतम ने बताया कि हमारी तरफ से लगातार चेकिंग जारी है हम प्रतिदिन चेकिंग की कार्रवाई कर रहे हैं अगर सफेद नंबर प्लेट की ईको गाड़ियां कहीं से सवारियां भरकर टैक्सी में चल रही है तो नियम विरुद्ध है उनके खिलाफ कार्रवाई करके जुर्माना लगाया जाएगा ए आर टीओ द्वारा अब तक काफीअधिक मात्रा में राजस्व फीस वसूल गया है।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

