रमजान के आखिरी अशरे में मुस्लिम बस्ती की फिजा इबादत और रूहानियत से सराबोर नजर आई।

मुकीम अहमद अंसारी

बिसौली,बदायूं। रमजान के आखिरी अशरे में मुस्लिम बस्ती की फिजा इबादत और रूहानियत से सराबोर नजर आई। मस्जिद बिलाल में जश्ने कुरआन पाक मुकम्मल होने की खुशियां मनाई गई। वही सैकड़ों हाथ मुल्क में अमन चैन और भाईचारे की दुआ के लिए उठे, हर आंख नम और हर दिल दुआगो नजर आया। रमजान के बरकत भरे महीने में मस्जिद बिलाल में रात जश्ने कुरान बड़े ही अकीकत और एहतराम के साथ मनाया गया। हाफिज फरहान रजा ने 28 वीं तरावीह की नमाज अदा कराते हुए कुरआन पाक मुकम्मल कराया। जश्ने कुरआन के जलसे को खिताब करते हुए मेहमानें खुशूसी मदरसा जामिया हनफिया रज़विया सैदपुर के नाजिमें आला मुफ्ती शाने आलम मिस्बाही ने पैगंबर ए पाक की सीरत पर रोशनी डालते हुए कहा कि उन्होंने पूरी इंसानियत को मोहब्बत, अमन और भाईचारे का पैगाम दिया जिसे अपना कर ही समाज में खुशहाली और सुकून कायम किया जा सकता है। शाने आलम साहब ने कहा कि रमजान का महीना सिर्फ रोजा रखने का नहीं, बल्कि सब्र, इबादत और इंसानियत के लिए अपने फर्ज को समझने का महीना है। आखिर में मस्जिद के इमाम कारी शादाब रजा उवैसी ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। कार्यक्रम का संचालन मौलाना अफलाक रजा उबैसी ने किया। इस मौके पर मदरसा फैजान ए रजाए मुस्तफा के प्रिंसिपल मौलाना इफ्तेखार हुसैन अशरफी, बड़ी मस्जिद के इमाम मौलाना बिलाल रजा नूरी, हाजी रफीक खां, मस्जिद के सदर वाजिद खान, काजी शाहनवाज खां, हाजी तस्लीम खान, शारिक खान, अदीम अब्बासी, शहजाद खान, मौलाना रफीक खां, हाफ़िज़ मेहरबान, हाजी मो. हुसैन, सलीम खां, सय्यद अबरार अली, यूनिस अली खां, नगर पालिका सभासद शफीक अहमद, मशरूर अब्बासी, सुब्हान रजा, कुतुबुद्दीन खां, भूरे खां, अशफ़ाक़ अली, नदीम अब्बासी, अब्दुल राजिक, अयाज अहमद, फराज खान, नवाज खान, अकरम अब्बासी, मुशाहिद अल्वी, युसूफ यार खां, तलत यार खां, मो. कैफ आदि मौजूद रहे।

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

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