नई दिल्ली। सरकार की तरफ से जारी 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणाओं पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा है कि वित्त मंत्री की घोषणाओं ने निराश किया है । पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, ‘एमएसएमई क्षेत्र के लिए घोषित मामूली पैकेज को छोड़कर हम वित्त मंत्री की घोषणाओं से निराश हैं। यह हर दिन कड़ी मेहनत करने वालों पर कुठाराघात है। वित्त मंत्री ने जो कुछ कहा, उसमें लाखों गरीबों, भूखे प्रवासी श्रमिकों के लिए कुछ नहीं है जो पैदल चलकर अपने घर जा रहे हैं।’
पी चिदंबरम ने सरकार के ऐलान पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि ऐसी आबादी (13 करोड़ परिवारों) जो बेहद निचले स्तर पर रहती है उनके लिए नकद हस्तांतरण के माध्यम से भी कुछ भी नहीं है, जिन्हें बर्बाद होने के लिए धकेल दिया गया है।
चिदंबरम ने कहा ‘ वित्त मंत्री ने लघु और माध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए कुछ समर्थन उपायों की घोषणा की, हालांकि मेरी नजर में यह उपाय बड़े एमएसएमई (लगभग 45 लाख ) के पक्ष में झुका हुआ है। मुझे लगता है कि 6।3 करोड़ एमएसएमई को छोड़ दिया गया। हम अधीनस्थ ऋण (20,000 करोड़ रुपये) और इक्विटी कॉर्पस फंड (10,000 करोड़ रुपये) की पेशकश का स्वागत करते हैं, लेकिन हम ‘नियम और शर्तों’ का इंतजार करेंगे।’
क्रेडिट गारंटी फंड पर उन्होंने कहा कि यह संपूर्ण फंड नहीं है जो वास्तव में खर्च किया जाएगा। यह खर्च व्यय एमएसएमई को बकाया गारंटीकृत क्रेडिट में एनपीए की सीमा तक सीमित करेगा। 20-50 फीसदी के एनपीए स्तर को मानते हुए, ऋणों की अवधि (जो कई साल हो सकती है) पर वास्तविक व्यय अधिकतम 3,00,000 करोड़ रुपये होगा।
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