फार्मर रजिस्ट्री के किसान नहीं मिल रहे आधार-खतौनी मिसमैच और अंश निर्धारण से समस्या
अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी
बाराबंकी । सिरौली गौसपुर तहसील में फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत शेष बचे किसानों को ढूंढने में कृषि विभाग को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। आधार और खतौनी में नाम बेमेल होने तथा अंश निर्धारण की समस्याओं के कारण कई किसान ऐप पर पंजीकृत नहीं हो पा रहे हैं।
विभाग के अनुसार, स्थानीय तहसील में कुल 60हजार 43 किसान हैं, जिनमें से लगभग 93 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, शेष बचे किसानों का पता नहीं चल पा रहा है, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया बाधित हो रही है।
फार्मर रजिस्ट्रेशन से वंचित किसानों को खाद, कीटनाशक, अनाज बिक्री, पशुपालन, मत्स्य पालन और लघु सिंचाई जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। यह उनके लिए आर्थिक और कृषि संबंधी सहायता प्राप्त करने में बाधा उत्पन्न करेगा।
रविवार को क्षेत्र के सैदनपुर, गहरेला, मोहरिया और बीहड़ गांवों में फार्मर रजिस्ट्री के लिए विशेष शिविर लगाए गए। इन शिविरों में भी अंश निर्धारण और नामों के बेमेल होने की समस्या प्रमुखता से सामने आई।
इस संबंध में एडीओ एजी रंजीत कुमार ने बताया कि जो किसान अपने गांव से बाहर रह रहे हैं, वे फार्मर रजिस्ट्री से वंचित हैं। विभाग ऐसे किसानों की पहचान कर उन्हें पंजीकृत करने का प्रयास कर रहा है।

