डिलीवरी के दौरान नवजात बच्चे की हुई मौत, परिजनों ने काटा हंगामा। परिजनों का आरोप गर्भवती महिला के पेट पर महिला के बैठने के दबाव से बच्चों की हुई मौत
मुकीम अहमद अंसारी
कादर चौक/बदायूं। थाना क्षेत्र के गांव ललसी नगला निवासी छोटेलाल की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो छोटेलाल अपनी पत्नी को सोमवार सुबह 7:00 बजे करीब एंबुलेंस के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कादरचौक लेकर आए जहां पर स्टाफ ने गर्भवती महिला को प्राइवेट अस्पताल में फर्जी तरीके से भेज कर भर्ती कर दिया यहां पर प्रसव पीड़ा के दौरान छोटेलाल का बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ इसको लेकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटा। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल वालों ने अज्ञात महिला को गर्भवती महिला के पेट पर बिठाया जिससे बच्चे की मौत हो गई है सूचना मिलते ही थाना कादरचौक पुलिस,उप जिलाधिकारी सदर और सीएमओ अस्पताल पहुंचे।उपजिलाधिकारी ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कर कार्यवाही का आश्वासन दिया। छोटेलाल ने थाना कादरचौक पर लिखित तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है
थाना कादरचौक क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ललसी नगला निवासी छोटेलाल पुत्र राम खिलाड़ी ने कादरचौक सीएचसी केंद्र के स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाये हैं छोटेलाल ने बताया मेरी पत्नी गर्भवती है 24 अप्रैल को मैंने 108 नंबर पर फोन किया और कादरचौक सीएचसी पर ले गया वहां पर उपस्थित शशि लता एएनएम और दाई बबीता द्वारा मुझे बिना बताए सीएचसी परिसर में खड़ी एम्बुलेंस UP25DW5100 द्वारा मेरी बिना अनुमति के डॉ अवधेश राठौर (MOIC)से बात करके राधिका हॉस्पिटल मे भेज दिया। डॉक्टर अवधेश राठौर (MOIC) कादर चौक सीएचसी पर ही कार्यरत है डॉ अवधेश राठौर का प्राइवेट हॉस्पिटल है जिसका संचालन उनकी बहन मोनिका राठौर करती हूं छोटेलाल का आरोप है की डॉक्टर अवधेश राठौर, मोनिका राठौर और शशि लता,बबीता और पांच अज्ञात लोगों द्वारा मुझे डराया गया कि आप 15000 रूपये का इंतजाम करें हमारी फुल गारंटी है जच्चा बच्चा को कुछ नुकसान नहीं होगा।छोटेलाल ने कहा कि मेरे पास रुपए कम है मैं इंतजाम करता हूं तो वहां के स्टाफ ने अज्ञात महिला को मेरी पत्नी के सीने पर बिठाकर पेट दबाया जिससे मेरे बच्चे की मौत हो गई जब मैंने उसका विरोध किया तो वहां के स्टाफ द्वारा मुझे धमकाया गया की हमसे ज्यादा मत बोलना नहीं तो हम तेरी पत्नी को भी मार देंगे जहर इंजेक्शन लगवा देंगे। वहां के स्टाफ ने छोटेलाल के साथ बदतमीजी की गई और मुझे गालियां दी गई स्टाफ द्वारा कहा गया की पुलिस भी हमारा कुछ नहीं कर सकती हमारी पहुंच बहुत ऊपर तक है अब देखने वाली बात यह है कि प्रशासन ऐसे लोगो पर कार्रवाई करता है या ऐसे लोग गरीबो की जिन्दगी से खेलते रहेगे कई सरकारी अस्पतालों मे स्टाफों की मिली भगत से मरीज को प्राइवेट अस्पताल में भेजा जाता है जिससे उनका मोटा कमीशन होता है डॉक्टर जो सरकारी अस्पताल में कार्यरत हैं लेकिन वह मरीज को अपने निजी अस्पताल पर भेजते हैं जिससे मरीज की जिंदगी से खिलबाड़ किया जाता है अब देखना यह है की क्या प्रशासन इन लोगों पर कार्रवाई करेगा या यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा छोटेलाल ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।मौके पर कादर चौक पुलिस एसडीएम सदर और सीएमओ बदायूं पहुंचे और घटना की जानकारी ली और हॉस्पिटल सील कर दिया गया है। हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

