उप जिलाधिकारी न्यायालय में भ्रष्टाचार के विरोध में लामबंद हुए अधिवक्ता, दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान।

मुकीम अहमद अंसारी

सहसवान, बदायूं। स्थानीय बार भवन में बार एसोसिएशन की एक आवश्यक बैठक अध्यक्ष नरेंद्र गोपाल सक्सेना की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में उप जिलाधिकारी न्यायालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिवक्ताओं ने कड़ा रोष व्यक्त किया। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर अधिवक्ताओं ने न्यायालय का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। महासचिव सोमवीर सिंह यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उप जिलाधिकारी न्यायालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। स्थिति यह है कि बिना पैसे के पत्रावली पर कोई भी आदेश पारित नहीं किया जाता है। उन्होंने बताया कि कई फाइलें ऐसी हैं जिन पर बहस हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन जब तक कोई पक्ष पैसे का लेनदेन नहीं करता, तब तक उन पर आदेश नहीं सुनाया जाता। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील परिसर में दलाल खुलेआम घूमकर वसूली कर रहे हैं और न्यायालय का पूरा कामकाज उन्हीं की देखरेख में संचालित हो रहा है। इतना ही नहीं, न्यायालय के पेशकार पर भी अलग से पैसे की मांग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि बिल्सी और गुन्नौर के दलालों के साथ-साथ उप जिलाधिकारी के करीबी लेखपाल और कानूनगो भी इस अवैध वसूली में लिप्त हैं। बार एसोसिएशन ने पूर्व में भी उप जिलाधिकारी से वार्ता कर कामकाज में सुधार की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप, अधिवक्ताओं ने 13 व 14 जुलाई को उप जिलाधिकारी न्यायालय में दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करने का निर्णय लिया है। 15 जुलाई को पुन: बैठक कर भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में जितेंद्र सिंह यादव, श्याम बाबू सक्सेना, सरफराज अली, रवीन्द्र नारायण सक्सेना, रागिव अली, मुजाहिर अली, आसिम अली, मुहम्मद अनस और असजद सहित भारी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

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