*सुबेहा पुलिस के सीने पर वहशी हत्यारों का दोहरा खूनी क्रंदन!* हत्यारे घटना को अंजाम देते रहे और इसकी भनक किसी को नहीं लगी?

*कृष्ण कुमार द्विवेदी(राजू भैया)*

दुराचार की भी आशंका? क्या परिचित थे हत्यारे?

कहींपूरे परिवार को साफ कर देने की तो नहीं थी मंशा?

पुलिसकी रात्रि गश्त की भी खुली पोल?

 

बाराबंकी। सुबेहा थाना क्षेत्र के लोदीपुर मजरे मरूई गांव में बीती रात वहशी हत्यारों ने जो दोहरा खूनी क्रंदन किया उसे जान व सुन के लोगों के हृदय कंपित हो उठे। जाहिर है कि यह दोहरा हत्याकांड स्थानीय थाने की पुलिस के सीने पर वह करारा प्रहार है जिसे खाकी शायद कभी भूल पाए। सवाल है कि क्या हत्यारे इस पूरे परिवार को साफ करने के लिए आए थे। या वह मृत महिला के परिचित थे? यही नहीं बेखौफ जल्लाद खूनी तांडव का खेल खेलते रहे और इसकी किसी को भनक भी नहीं लगी? जबकि इस घटना ने पुलिस की रात गश्त की पोल खोल कर रख दी है?

बाराबंकी जनपद के सुबेहा थाना क्षेत्र के गांव लोदीपुर मजरे मरूई में आज तमाम बड़े अधिकारियों के कदम वहां पहुंच कर ठिठक कर रह गए थे? जी हां यहां का मंजर ही कुछ ऐसा था। एक तरफ जयंतूल नाम की 32 वर्षीय महिला अस्त-व्यस्त कपड़ों में मृत पड़ी थी। दूसरी ओर उसकी डेढ़ वर्षीय बच्ची भी बगल के हाते में दर्दनाक ढंग से मार कर फेंकी गई थी। यही नहीं हत्यारों ने 8 वर्षीय दूसरी बच्ची को भी जो कि महिला की बड़ी पुत्री है उसे भी मौत देने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। जबकि सौभाग्य था कि वह पुलिस को नाजुक हालत में जीवित मिली! जिसे अस्पताल भेजा गया।

आज जिसने भी इस दोहरे हत्याकांड को सुना वह कांप कर रहे गया। लोग चर्चा कर रहे थे कि यह घटना पुलिस की धमक पर कालिख है जिसे अज्ञात हत्यारे लगाकर फरार हो गए हैं। यही नहीं चर्चा थी कि पुलिस की रात्रि गश्त यदि मुस्तैद होती, गांव के लोग यदि थोड़ा जागरूक होते तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था? यही नहीं हत्यारे महिला जयंतुल के परिचित है अथवा किसी अन्य रास्ते से उसके घर में दाखिल हुए? उनकी मंशा क्या थी इन सभी बिंदुओं पर पुलिस को तभी सफलता मिलेगी जब हत्यारे उसकी पकड़ में आएंगे!

मौके पर जो हालत महिला की थी उसकी स्थिति को देखकर कयास लगाया जा रहा था कि हत्यारों ने शायद उसके साथ बलात्कार भी किया है? पुलिस के बड़े आलाहाकिम घटनास्थल पर पहुंचे। डीआईजी अयोध्या मंडल ने मौके पर पहुंचकर कप्तान को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। लेकिन इस सब के बीच आम जनता में कहीं न कहीं हत्यारों का खौफ ज्यादा था जबकि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा कम ! सुबेहा पुलिस के लिए यह चुनौती है तो बाराबंकी पुलिस के लिए यह अस्मिता का प्रश्न है कि वह कितनी जल्दी हत्यारों तक पहुंचे और इस दोहरे हत्याकांड का जल्द से जल्द खुलासा करें?

वैसे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि जनपद के ऐसे कई थाने हैं जहाँ पर आम जनता एवं पुलिस बल के बीच विश्वास में कमी आई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कई थानों पर बस दलालों का ही जलवा है ?ऐसे में लोदीपुर का दोहरा हत्याकांड जहां पुलिस के लिए सवालिया निशान खड़ा कर गया है । वही इतनी प्रचंड गर्मी में हत्यारे एक मां व उसकी दूधमुही बेटी को मौत के घाट उतारने का खेल खेलते रहे और गांव के लोग सोते रहे? यह भी एक शर्मसार पहेलू है ?इसे भी नकारा नहीं जा सकता!

कुल मिलाकर लोदीपुर का दोहरा हत्याकांड पुलिस के सीने पर हत्यारों के द्वारा किया गया ऐसा खूनी क्रंदन है जिसे भुला पाना आम आदमी के लिए हाल के दिनों में मुश्किल होगा। जिस पत्नी व बेटी तथा बच्चों के लिए बेचारा मेराज विदेश में पैसा कमाने के लिए गया हुआ है उसके दो अपने उसे छोड़ कर जा चुके हैं। आज मृत महिला के पुत्र जब मौके पर पहुंचे तो वह भी कुछ बोल ना पाने की स्थिति में थे। हर तरफ हर व्यक्ति बस सहमा नजर आ रहा था। लोग खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं थे। बस सब कानाफूसी में अलग-अलग व्यस्त थे? कुल मिलाकर यह दोहरा हत्याकांड जनपद की पुलिस के लिए बड़ा चैलेंज है?

*कृष्ण कुमार द्विवेदी(राजू भैया)*

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