चन्द्रशेखर ने सड़क से संसद तक पीड़ितों की लड़ाई लड़ी: राजनाथ 13 वीं पुण्यतिथि पर पूर्व प्रधानमंत्री किये गये याद
बाराबंकी। समाजवादी आंदोलन में चंद्रशेखर के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। चंद्रशेखर ने हमेशा सामाजिक बदलाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की राजनीति पर जोर दिया। आपातकाल के दौरान जेल में बिताए दिनों पर प्रकाशित उनकी पुस्तक (मेरी जेल डायरी) सामाजिक बदलाव का जीवंत दस्तावेज है। यह बात भारतीय राजनीति में युवा तुर्क के नाम से विख्यात पूर्व प्रधानमंत्री स्व.चन्द्रशेखर जी की 13 वीं पुण्यतिथि पर गांधी भवन में गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता कर रहे समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने कही। इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व चंद्रशेखर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्री शर्मा ने आगे कहा कि चन्द्रशेखर ने सड़क से संसद तक गरीबों, शोषितों और पीड़ितों की लड़ाई लड़ी। उन्होंने सामाजिक गैरबराबरी और किसानों से जुडी समस्याओं के खिलाफ जनआंदोलन किया। लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल में बंदी बनाए गए। उनके संघर्षमय जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता रिजवान रजा ने कहा कि चन्द्रशेखर ने समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने का काम किया। वह आचार्य नरेंद्र देव के प्रबल समर्थक थे। वह आचार्य नरेंद्र देव की परम्परा के अंतिम व्यक्ति थे जिन्होंने समाजवाद को अपने जीवन का आधार बनाया। सभा का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया। सभा में प्रमुख रूप से विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय शर्मा, सत्यवान वर्मा, पी के सिंह, विजय कुमार सिंह, अशोक शुक्ल, नीरज दुबे, रवि प्रताप सिंह, अशोक जायसवाल सहित कई लोगों से स्व चन्द्रशेखर जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

