हैदरगढ़, बाराबंकी। पड़ोसी जिला रायबरेली के महराजगंज थाना क्षेत्र अन्तर्गत जनता विद्यालय मऊ गरबी स्कूल के प्रबंधक पर विद्यालय में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजी कर लाखों रूपये ठगी का आरोप लगा है, उक्त गम्भीर आरोप असंद्रा थाना क्षेत्र के बाजपुर निवासी धर्मेन्द्र विक्रम सिंह पुत्र हरिशंकर सिंह ने लगाया है। जिनकी तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने विद्यालय प्रबंधक के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़ित शिकायकर्ता का आरोप है कि उक्त विद्यालय के प्रबंधक शिव सागर अवस्थी द्वारा उसे अपने विद्यालय में क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे कई किश्तों में आठ रूपये ठग लिए। उनका कहना है कि प्रबंधक शिव सागर अवस्थी द्वारा वर्ष 2015 में सरकार से मान्यता एवं सहायता प्राप्त विद्यालय चलाने व विद्यालय में क्लर्क का पद रिक्त होने की बात कहकर उसे सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। इसके बाद धर्मेंद्र ने बताया कि नौकरी दिलाने की एवज में उनके द्वारा दस लाख रूपये की माँग की गई वर्ष 2015 से 2017 के बीच में उसने कई किश्तों में 8 लाख रूपये दे डाले बाकी 2 लाख नौकरी मिलने के बाद देने को कहा लेकिन समय बीतता गया उसे नौकरी नहीं मिली और जो पैसे भी थे वो भी गवा बैठा। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी का कहना है कि पुलिस को तहरीर मिली है सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है जाँच पड़ताल के बाद आवश्यक कार्यवाई की जायेंगी।
पीड़ित ने पुलिस से बतायी आपबीती, कार्यवाही की मांग
पीड़ित धर्मेन्द्र ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि मैंने कुछ दिन पहले शिव सागर से अपना पैसा मांगा तो 8 जुलाई को उसके मोबाइल नंबर पर सुबह करीब 9 बजे किसी का फोन आया उसने कहा कि मैं शिव सागर बोल रहा हूँ, हैदरगढ़ आ जाओं और अपना दिया हुआ पैसा वापस ले लों तुम्हें नौकरी नहीं मिल पायेगी। उसके बाद पीड़ित धर्मेंद्र रोडवेज बस से हैदरगढ़ गया बस से नीचे उतरते ही वहाँ मौजूद एक व्यक्ति ने उनसे मिला और नाम पूछा नाम बताते ही उस व्यक्ति ने उससे कहा कि आगे चलो शिव सागर अवस्थी से मिला रहा हूँ, आरोप है कि वह थोड़ा आगे बढ़ा तो वहाँ एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी पहले से खड़ी हुई थी जिस पर शिवसागर अवस्थी व दो अज्ञात व्यक्ति बैठे हुए थे। उसे देखते ही गाड़ी से उतर कर जबरन खींचकर गाड़ी में बैठा लिया और मुंह दबाकर गाड़ी लेकर वहाँ से चल दिया उसे भद्दी-भद्दी गालियां भी दी और मारा पीटा भी और कहा कि दोबारा पैसा मांगोगे तो हाथ से जान धो बैठोगे। इसके बाद वह बेहोश हो गया उक्त लोगों ने उसे दूर ले जाकर सड़क किनारे छोड़ दिया। जब उसे होश आया तो वह अज्ञात जगह अपने को पाकर असहज में पड़ गया और राहगीरों से जब पूछा तो उसे पता चला कि यह जौनपुर शहर है फिर उसने एक राहगीर से अपने घर को फोन कर सारी आपबीती बताई भाई सुरेंद्र के आ जाने के बाद वह किसी तरह अपने घर पहुंच सका। उक्त पीड़ित ने पुलिस को सारी आपबीती सुनाते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाई की माँग की है।
मोहम्मद आमिर संवाददाता एसएम न्यूज24टाइम्स बाराबंकी

