वक़्त आने पर जल्द ही इस्राईल के हमले का जवाब देंगे, इस्राईली फ़ौज के ताज़ा हमले पर हसन नसरुल्लाह का रिएक्शन
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव सय्यद हसन नसरुल्लाह ने ज़ायोनी शासन के ताज़ा हमले का वक़्त आने पर जवाब देने की बात कही है।
उन्होंने मंगलवार की रात को दक्षिणी लेबनान की सीमा पर घटी घटना का ज़िक्र करते हुए बल दिया कि जो हुआ वह बड़ी घटना है, जिसका जल्द ही जवाब दिया जाएगा।सय्यद हसन ने बुधवार को मोहर्रम से संबंधित टीवी पर विशेष भाषण में कहा कि दक्षिणी लेबनान की सीमाओं पर पिछली रात की घटना और ज़ायोनी फ़ौज की ओर से फ़ॉस्फ़ोरस बम फ़ायर करने होने की घटना बहुत अहम है, जिसके बारे में हम अभी कुछ नहीं कहेंगे लेकिन जल्द ही ईश्वर ने चाहा तो सही मौक़े पर इसका जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने अपने भाषण में इमाम हसन अलैहिस्सलाम की शख़्सियत के अहम बिन्दुओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम ने ईश्वरीय क़ानून को लागू करने में बहुत अहम रोल अदा किया है।हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने पैग़म्बरे इस्लाम से बनी उमय्या क़बीले की पुरानी दुश्मनी का ज़िक्र करते हुए कहा कि बनी उमय्या पैग़म्बरे इस्लाम का एक मुद्दत तक विरोध करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे कि वह अपनी मौजूदा शैली से अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे तो उन्होंने इस्लाम क़ुबूल किया ताकि इस्लाम को भीतर से नुक़सान पहुंचाएं और इस काम के लिए बनी उमय्या ने मुसलमानों के बीच मतभेद को हवा दी।
सय्या हसन नसरुल्लाह ने कहा कि बनी उमय्या ने चाहे इस्लाम लाने से पहले या इस्लाम लाने के बाद का ज़माना हो, इस्लाम को नुक़सान पहुंचाने के लिए हर तरह का हथकंडा अपनाया। सुफ़्यानी साज़िश अबू सुफ़ियान से शुरू हुयी जिसे मोआविया और यजीद ने आगे बढ़ाया और मानवता के आख़िरी मुक्तिदाता हज़रत इमाम महदी के ज़माने में भी सुफ़ियानी ही उनके ख़िलाफ़ बग़ावत करेंगे।ग़ौरतलब है कि इस्राईली सेना के हेलीकॉप्टरों ने मंगलवार की रात को रामिया क़स्बे के निकट पर्यावरण संस्था ‘ग्रीन विदाउट बोर्डर्ज़’ के केन्द्र पर तीन रॉकेट मारे। इससे पहले ज़ायोनी सैनिकों ने लेबनान के मैसुल जबल, हौला, मारूनुर रास और इत्रून पर 117 फ़्लेयर गोले और लगभग 100 फ़ास्फ़ोरस बम फ़ायर किए जिससे खेतियों को नुक़सान पहुंचा। इसी तरह एक घर और पशुओं के एक फ़ार्म को नुक़सान पहुंचा जिसमें कई जानवर मारे गए।

