अज़ाखाना मीर मासूम अली मे अलविदाई जुलूस हेतु मजलिस सम्पन्न
नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)
अलम ए मुबारक, शबीह ए ताबूत व जुलजनाह की कराई गई ज्यारत बैरूनी व मक़ामी अन्जुमनों ने की नौहाखानी व सीनाज़नी

बाराबंकी ।अज़ाखाना मीर मासूम अली मे अलविदाई जुलूस हेतु मजलिस सम्पन्न । अलम ए मुबारक, शबीह ए ताबूत व जुलजनाह की कराई गई ज्यारत । बैरूनी व मक़ामी अन्जुमनों ने की नौहाखानी व सीनाज़नी ।जंजीर व कमा का हुआ मातम । ईश्वर जिससे संतुष्ट होकर कहे मै तुझसे संतुष्ट हो गया आ मेरी ओर पलट आ उसे हुसैन कहते हैं ।यह बात मजलिस को सम्बोधित करते हुए इमामबाडा मीर मासूम अली में मौलाना सैयद अली रिज़वान ने कही ।अन्त में कर्बला वालों के ऊपर हुये अत्याचार का वर्णन किया जिसे सुनकर सभी रोने लगे।आरम्भ तिलावत से मौलाना अली मेहदी ने किया । इश्क़े हुसैन इबादते परवरदिगार है। मजलिस से पूर्व डा 0 रज़ा मौरान्वी,कशिश सन्डीलवी
,अजमल किन्तूरी ,बाकर नक़वी , सरवर अली कर्बलाई, रोशन मौरान्वी,अदनान रिजवी ,अयान अब्बास आदि ने नज़रानये अक़ीदत पेश किया।मौलाना अली मेहदी व रज़ा लखनवी ने सालाम पेश किया।बैरूनी व मक़ामी अन्जुमनों ने नौहा खानी व सीनाजनी की । कमा व जंजीर का मातम हुआ । कोबिड-19 को ध्यान में रखते हुये शोशल डिस्टेन्सिन्ग व सेनेटाईज़र के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । बानिये मजलिस ने सभी का शुक्रिया अदा किया। वही मौलाना गुलाम अस्करी हाल में मरहूमा शाहीन फातिमा की ईसाल ए सवाब की मजलिस को सम्बोधित करते हुए मौलाना सैयद ज़ैगम अल गरवी ने कहा नोके सेना पर कटे हुये सर का क़ुरान सुनाना अल्लाह की निशानी है।उन्होने यह भी कहा बगैर अहले बैत के क़ुरआन समझना मुमकिन नहीं ।अन्त में कर्बला वालों के मसायब पेश किया जिसे सुनकर सभी रोने लगे ।मजलिस का आरम्भ सैफ़ हैदर हुसैनी ने तिलावत से किया ।अजमल किन्तूरी,मुजफ्फर इमाम,सरवर अली कर्बलाई ,ज़ईम क़ाज़मी व बच्चों ने भी नज़रानये अक़ीदत पेश किया ।बानिये मजलिस ने सभी का शुक्रिया अदा किया ।
Related Posts

