इन कारणों से गलत आ सकती है ब्लड शुगर रीडिंग, टेस्ट के पहले या दौरान न करें ये गलतियां

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लोग कई बार अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं जिससे ब्लड शुगर रीडिंग प्रभावित होती है और रिजल्ट में गड़बड़ी देखने को मिलती है.

एक उम्र के बाद डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि लोगों को हर 3 महीने में अपना ब्लड शुगर टेस्ट कराना चाहिए। जबकि हाई ब्लड शुगर पेशेंट्स यानी डायबिटीज के मरीजों को हर महीने व गंभीर मामलों में हर सप्ताह रक्त शर्करा का स्तर जांचना चाहिए। बता दें कि डायबिटीज एक क्रॉनिक डिजीज है जिसमें ब्लड शुगर का स्तर संतुलित रहना बेहद आवश्यक होता है। अगर इसका स्तर सीमा में नहीं है तो मरीजों को अपने खानपान व जीवन शैली में बदलाव लाने की जरूरत होती है। हालांकि, कई बार कुछ गलतियों की वजह से टेस्ट में ब्लड शुगर का स्तर गड़बड़ हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोगों को ये ज्ञात होना चाहिए कि ब्लड शुगर टेस्ट कराते वक्त क्या सावधानियां बरतनी चाहिए –

इन कारणों से गलत आ सकती है ब्लड शुगर रीडिंग, Diabetes टेस्ट के पहले या दौरान न करें ये गलतियां लोग कई बार अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं जिससे ब्लड शुगर रीडिंग प्रभावित होती है और रिजल्ट में गड़बड़ी देखने को मिलती है

कई बार डायबिटीज के मरीज अपनी सहूलियत के मुताबिक घर पर ही ब्लड शुगर जांच लेते हैं

एक उम्र के बाद डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि लोगों को हर 3 महीने में अपना ब्लड शुगर टेस्ट कराना चाहिए। जबकि हाई ब्लड शुगर पेशेंट्स यानी डायबिटीज के मरीजों को हर महीने व गंभीर मामलों में हर सप्ताह रक्त शर्करा का स्तर जांचना चाहिए। बता दें कि डायबिटीज एक क्रॉनिक डिजीज है जिसमें ब्लड शुगर का स्तर संतुलित रहना बेहद आवश्यक होता है। अगर इसका स्तर सीमा में नहीं है तो मरीजों को अपने खानपान व जीवन शैली में बदलाव लाने की जरूरत होती है। हालांकि, कई बार कुछ गलतियों की वजह से टेस्ट में ब्लड शुगर का स्तर गड़बड़ हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोगों को ये ज्ञात होना चाहिए कि ब्लड शुगर टेस्ट कराते वक्त क्या सावधानियां बरतनी चाहिए –

किन तरीकों से जांचा जा सकता है रक्त शर्करा का स्तर: कई बार डायबिटीज के मरीज अपनी सहूलियत के मुताबिक घर पर ही ब्लड शुगर जांच लेते हैं। इससे हर दिन या कुछ-कुछ दिनों के अंतराल पर लोग अपना ब्लड शुगर चेक कर लेते हैं। ग्लूकोज मॉनिटर, ब्लड ग्लूकोज मीटर, ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन (A1C) टेस्ट कराने से अथवा मरीज किसी भी लैब में जाकर जांच करवा सकते हैं। वहीं, यूरिन के जरिये भी लोग रक्त शर्करा का स्तर जांच सकते हैं।

वहीं, लोग कई बार अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं जिससे ब्लड शुगर रीडिंग प्रभावित होती है और रिजल्ट में गड़बड़ी देखने को मिलती है। ऐसे में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है –

इन कारणों से गलत आ सकती है ब्लड शुगर रीडिंग, Diabetes टेस्ट के पहले या दौरान न करें ये गलतियां
High Blood Sugar Checkup: लोग कई बार अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं जिससे ब्लड शुगर रीडिंग प्रभावित होती है और रिजल्ट में गड़बड़ी देखने को मिलती है

कई बार डायबिटीज के मरीज अपनी सहूलियत के मुताबिक घर पर ही ब्लड शुगर जांच लेते हैं
Diabetes Test: एक उम्र के बाद डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि लोगों को हर 3 महीने में अपना ब्लड शुगर टेस्ट कराना चाहिए। जबकि हाई ब्लड शुगर पेशेंट्स यानी डायबिटीज के मरीजों को हर महीने व गंभीर मामलों में हर सप्ताह रक्त शर्करा का स्तर जांचना चाहिए। बता दें कि डायबिटीज एक क्रॉनिक डिजीज है जिसमें ब्लड शुगर का स्तर संतुलित रहना बेहद आवश्यक होता है। अगर इसका स्तर सीमा में नहीं है तो मरीजों को अपने खानपान व जीवन शैली में बदलाव लाने की जरूरत होती है। हालांकि, कई बार कुछ गलतियों की वजह से टेस्ट में ब्लड शुगर का स्तर गड़बड़ हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोगों को ये ज्ञात होना चाहिए कि ब्लड शुगर टेस्ट कराते वक्त क्या सावधानियां बरतनी चाहिए –

किन तरीकों से जांचा जा सकता है रक्त शर्करा का स्तर: कई बार डायबिटीज के मरीज अपनी सहूलियत के मुताबिक घर पर ही ब्लड शुगर जांच लेते हैं। इससे हर दिन या कुछ-कुछ दिनों के अंतराल पर लोग अपना ब्लड शुगर चेक कर लेते हैं। ग्लूकोज मॉनिटर, ब्लड ग्लूकोज मीटर, ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन (A1C) टेस्ट कराने से अथवा मरीज किसी भी लैब में जाकर जांच करवा सकते हैं। वहीं, यूरिन के जरिये भी लोग रक्त शर्करा का स्तर जांच सकते हैं।

खाने के बाद जांच करते वक्त: इस जांच को अंग्रेज़ी में पोस्ट प्रैन्डियल ब्लड शुगर टेस्ट कहते हैं। इसके तहत खाना खाने के बाद शरीर में ग्लूकोज का क्या स्तर है, उसको नापा जाता है। इसमें खाने के दो घंटे बाद ब्लड शुगर लेवल का परीक्षण किया जाता है। हालांकि, खाने के तुरंत बाद ब्लड शुगर चेक करने से इसका स्तर प्रभावित हो सकता है।

पानी पीना चाहिए या नहीं?: कई लोग सोचते हैं कि ब्लड शुगर चेक करने से पानी पीना चाहिए या नहीं, तो बता दें कि हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि प्यासे रहने से ब्लड शुगर रीडिंग में गड़बड़ी आ सकती है। इसलिए ये सुनिश्चित करें कि आपके शरीर में पानी की कमी न हो। हालांकि, टेस्ट से पहले शराब के सेवन से बचें।

हाथों को धोना क्या उचित है?: चेकअप करने से पहले अगर आपके हाथ साफ नहीं हैं, जैसे कि खाने-पीने के बाद आपके हाथ में कुछ लगा रह गया हो, तो उसे धोना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाथ गंदे होने से भी रीडिंग गलत आ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि जिस भी उंगली को आप जांच के काम में ला रहे हैं, उसे सैनिटाइज करना न भूलें। टेस्ट से पहले और बाद, दोनों ही समय उंगली को सैनिटाइज कर लें। इसके साथ ही, सैनिटाइज करने के तुरंत बाद सुई न चुभोएं, उंगली के सूखने का इंतजार करें।

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