…… मैं जमुरिया बाराबंकी हूँ! मुझे बचा लीजिए।

अब्दुल मुईद सिटी-अपराध ब्यूरो। (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677

एक पत्रकार को लोकतंत्र मे मिली आज़ादी के तहत काम करता हूँ न की चाटुकारिता।सच को उजागर करना हम मीडिया वालों का पहला कर्तव्य है। जिसे मै पूरी इमानदारी से निभाता हूँ।

 

-जमुरिया के अस्तित्व का खतरा पैदा हो गया है, प्रशासन की अनदेखी के कारण दिन प्रतिदिन सकरी हो रही है जमुरिया।

 

बाराबंकी। शहर के बीचो बीच में स्थित जमुरिया कुछ वर्ष बाद विलुप्त होकर नाली की शक्ल में नजर आयेगी। पूर्व में प्रशासन ने कई बार हिम्मत की जमुरिया का अवैध कब्जा हटाया जाये किन्तु अवैध कब्जेधारियों की पहुंच के कारण हर बार प्रशासन को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। वहीं इस बार प्रशासन अवैध कब्जाधारियों के साथ खड़ा होकर मामले के सम्बंधित खबर प्रकाशित होने के बाद पत्रकारों पर दर्जनों मुकदमों लदवा दिये गये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जब कोई भी प्रशासनिक अधिकारी ज्यादा दिन तक जनपद में तैनात रहता है तो अवैध अतिक्रमणकारी किसी न किसी तरह से लिंक निकालकर दबाव बनाकर अपने अवैध कब्जे को बचाने के लिए साम-दाम, दण्ड-भेद की प्रक्रिया अपना कर कब्जे को सुरक्षित रख लेते हैं। जमुरिया की ग्रीन बेल्ट अगर देखने के लिए जायेंगे तो आपको ग्रीन बेल्ट नहीं दिखेगी अपितु उक्त स्थान पर बड़े-बड़े मल्टी काम्प्लेक्स व दुकाने बनी जरूर दिखाई देंगी। मालूम हो कि निर्भीक व बेबाक पत्रकार के ऊपर इस तरह की कार्यवाही से जनपद के पत्रकारों में काफी आक्रोश हैं तथा कई पत्रकार संगठनों ने मुख्यमंत्री व राज्यपाल को ज्ञापन देकर मुकदमें वापसी की गुहार लगाई। निर्भीक पत्रकार हमेशा ही समाजहित के मुद्दे उठाते हैं किन्तु कुछ अवैध कब्जेदार धनबल के कारण मिलीभगत करके कई तरह के फर्जी मुकदमें लदवा देते हैं।

अब्दुल मुईद सिटी-अपराध ब्यूरो। (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677

 

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