-मामला गरीब नवाज मस्जिद तहसील रामसनेहीघाट का।

बाराबंकी। जिले के युवा अधिवक्ता मोहम्मद उमर मुख्तार ने उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट द्वारा विगत दिनों अंग्रेजों के जमाने से कायम मस्जिद को लाकडाउन का उल्लंघन करते हुए रातो-रात गिरा दिया, जिसके बाद प्रदेश के साथ देश की जनता में काफी रोष है। प्रशासन ने न्यायालय की गरिमा को घेस पहुंचाई है। हिन्दुस्तान की जनता को सबसे ज्यादा अपने न्यायालय पर ही विश्वास है। प्रशासन के इस कार्य से कई तरह के सवाल खड़े हो गये हैं। आखिर जिला प्रशासन जनता में क्या संदेश देना चाहता है। उक्त विचार मो0 उमर मुख्तार ने जारी बयान में कहा।
श्री मुख्तार ने कहा कि एक तरफ माननीय हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया था कि 31 मई तक कोई भी वैध व अवैध निर्माण को न गिराया जाये फिर जिला प्रशासन ने किसके इशारे पर इतने बड़ी कार्यवाही रातों-रात कर दी। विदित हो कि प्रशासन ने अपनी गलती को छिपाने के लिए घटना स्थल को देखने जाने वाले लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करवाकर उनको जेल भेजवा रही है। वहीं दूसरी तरफ मस्जिद वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड थी काफी पहले से अब मस्जिद की कमेटी पर एफ0आई0आर0 दर्ज करवा अपनी गलती को दबाने के लिए निर्दोष लोगों पर फर्जी वाद दाखिल किये जा रहे हैं, इस तरह की कार्यवाही से जनता में प्रशासन के खिलाफ काफी विरोध है। उपरोक्त पूरे मामले की जांच जांच हाईकोर्ट के जजों द्वारा अविलम्ब कराई जाये।

