काबुल पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर पहला हमला, पाकिस्तान के 2 सैनिकों की मौत
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ 9889789714
अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर दोनों ओर से फ़ायरिंग में दो पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई है।
काबुल पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद दोनों देशों की सीमा पर फ़ायरिंग की यह पहली घटना है, जिसमें पाकिस्तानी सैनिकों की जान गई है।
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि जवाबी कार्यवाही में उसने 2 से 3 हमलावरों को ढेर कर दिया है, लेकिन इस दावे की अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है।
फ़ायरिंग का यह तबादला रविवार को पाकिस्तान के बाजोर ज़िले में हुआ है। 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के निंयत्रण के बाद इस तरह की यह पहली घटना है।
बाजोर से लगने वाली अफ़ग़ान सीमा पर पाकिस्तान तालिबान टीटीपी समेत कई गुट सक्रिय हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह हमला किसने अंजाम दिया है।
अफ़ग़ानिस्तान में काबुल पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद से टीटीपी ने पाकिस्तानी आर्मी के ख़िलाफ़ अपना अभियान फिर से शुरू कर दिया है।
Related Posts
हालांकि पाकिस्तानी आर्मी ने हमले में शामिल किसी गुट का नाम नहीं लिया है, लेकिन क़बायली इलाक़ों में आर्मी के अभियान से जान बचाकर तालिबान लड़ाकों और उनके कई कमांडरों ने अफ़ग़ानिस्तान में शरण ली थी।
पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में ख़ुफ़िया रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि दो से तीन हमलावर मारे गए हैं और तीन से चार ज़ख़्मी हुए हैं।
बयान में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अफ़ग़ानिस्तान की सरज़मीन के इस्तेमाल की निंदा की गई है और आशा जताई गई है कि भविष्य में काबुल अपनी सरज़मीन इस्लामाबाद के ख़िलाफ़ इस्तेमाल नहीं होने देगा।
पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने कहा है कि इस्लामाबाद उम्मीद करता है कि अफ़ग़ान तालिबान पाकिस्तान विरोधी टीटीपी को अपनी सरज़मीन के इस्तेमाल की इजाज़त नहीं देंगे।
इस्लामाबाद पाकिस्तान तालिबान पर आरोप लगाता रहा है कि वह देश में आत्मघाती हमलों के लिए अफ़ग़ानिस्तान की भूमि का इस्तेमाल करते रहे हैं।
तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने अपनी पहली ही प्रेस कांफ़्रेंस में कहा था कि उनका गुट अफ़ग़ानिस्तान की सरज़मीन को किसी भी देश के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होने की इजाज़त नहीं देगा

