बच्चों के शिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति सरकार सजग: डीपीओ

कोविड काल में मृतक हुए लोगों के परिवारों को राहत पहुंचा रही बाल सेवा योजना

गोण्डा। कोविड-19 काल के दौरान माता-पिता दोनों या किसी एक अथवा अभिभावक को खोने वाले बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, देखरेख और पढ़ाई की मुकम्मल करने के लिए उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना संचालित है। इस योजना के तहत अब तक 76 बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है। उक्त जानकारी देते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी संतोष कुमार सोनी ने बताया कि जिन परिवारों ने कोरोना काल में अपनों को खोया है। उनके बच्चो के सपने टूटने न पाये, इसके लिए उन्हे आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत 76 बच्चों को प्रतिमाह 4000 की मदद सीधे उनके बैंक खाते में प्रेषित की जा रही है। उन्होने कहा कि कोविड काल में कोरोना से मृत्यु होने पर उनके बच्चों को रू 4000 प्रतिमाह अथवा अन्य कारणों से मृत्यु होने पर उनके बच्चों को रू 2500 प्रतिमाह प्रदान किये जाने का प्रावधान है।
वहीं कक्षा-12 की परीक्षा उत्तीर्ण कर राजकीय डिग्री कालेज, विश्वविद्यालय अथवा तकनीकी संस्थान से स्नातक की डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त करना चाह रहे हैं, उन्हें लाभान्वित किया जायेगा। इसके अलावा नीट, जेईई व क्लैट जैसे राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले मेधावी छात्रों को 23 वर्ष की आयु पूरी होने या स्नातक शिक्षा अथवा मान्यता प्राप्त तकनीकी संस्थान से डिप्लोमा प्राप्त करने में जो भी पहले हो तक इस योजना का लाभ दिया जायेगा। इसके लिए आवेदन पत्र पूर्णतया आफलाइन है, जो किसी भी कार्यालय दिवस में कार्यालय में उपस्थित होकर निशुल्क प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन पत्रों का सत्यापन ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी तथा शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी द्वारा कराने पर पात्रता की स्थिति में योजनान्तर्गत लाभान्वित कराया जायेगा।

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