ठेकेदारों को मालामाल कर रहे हैं डूडा विभाग के अधिकारी -कमीशनबाजी को लेकर रचा जा रहा है खेल,

शमीम अंसारी बाराबंकी संवाददाता एसएम न्यूज़24टाइमस 9889789714

बाराबंकी( शमीम अंसारी) । एक तरफ जहां भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार को समाप्त करने की लाख कोशिश करें किन्तु डूडा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करना आसान काम नजर नहीं आ रहा है। सरकारी कर्मचारी पात-पात पहुंचकर अनोखे अंदाज में भ्रष्टाचार में लिप्त होकर कमीशन खाने की गरज से शहरी व पंचायत में बनने वाले मार्ग वा आवास को अन्य ग्रामीण इलाके पर दिखाकर बिल का भुगतान प्राप्त कर रहे हैं और जनता व शासन प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर अपनी जेबे गर्म कर रहे हैं।

 

मालूम हो कि शहरी व नगर पंचायत में डूडा के अन्तर्गत जो विकास कार्य होने चाहिए उनको डूडा कर्मचारी शहरी व पंचायत क्षेत्र में न कराकर ग्रामीण क्षेत्र में सीमा बाहर दर्शाकर भुगतान प्राप्त कर रहे हैं, सबसे ज्यादा खेल जनपद बाराबंकी के नगर पंचायत जैदपुर वा आसपास की पंचायत में चल रहा है वहीं इस मामले में सबसे आगे नगर पंचायत जैदपुर में डुडा विभाग के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक अपनी जेबों को भरने में मस्त हैं। अगर डूडा और सूडा के समस्त कार्यो की निष्पक्ष जांच हो जाये तो कई सफेदपोश भी बेनकाब होते नजर आयेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार जैदपुर सीमा बाहर मोहल्ला इस्लाम नगर जैदपुर दैहात में सीसी रोड से अफरोज के मकान तक सीसी रोड से हसीब सिद्दीकी के घर तक ।एवं मदरसा इमदादुससालियात तक इंटरलाकिंग खडंजे का निर्माण किया गया है। मोहल्ला अली अकबार कटरा में सिद्धौर रोट से नाई बसती मस्जिद तक मोहल्ला आजाद नगर तक । मोहल्ला उसरी से छोटी नहर तक इंटरलाकिंग खडंजे का निर्माण किया गया है जिसमें लगभग 50 मीटर पुराने खडंजे को भी नया बता कर सरकारी धन का बंदर बाट किया गया है जो सीमा बाहर हैं विभागीय अधिकारियों मिली भगत से फर्जी कार्य दर्शाकर भुगतान प्राप्त करने में जैदपुर नगर पंचायत भी पीछे नहीं है, यहां के डूडा विभाग के सम्बंधित कर्मचारी तो ठेकेदारों के वर्चस्व के आगे नतमस्तक नजर आते हैं, कई सफेदपोश तो सत्ता का फायदा उठाते हुए कर्मचारियों से कहते हैं कि जब सइया हैं कोतवाल तो डर काहे का। वहीं नगर पंचायत जैदपुर का सही विकास न होने से पूरे कस्बे में जलभराव है, नई सड़कों का निर्माण न होने से मोहल्ले वासी जल भराव के कारण घरों में कैद होकर रह गये हैं। चुनाव की सरगर्मी तेज होने पर विभाग के कर्मचारियों ज्यादा से ज्यादा फर्जी कार्य दिखाकर अपने चहेतों से मोटी रकम के साथ-साथ वाहनों को भी गिफ्ट के तौर पर प्राप्त कर रहे हैं। पूरा खेल सरकारी धन को हड़प करने का लगातार चल रहा है किन्तु कोई भी अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
इस सम्बंध में जब नगर पंचायत के अधीसाशी अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि डुडा विभाग सीमा बाहर काम नहीं करा सकता अगर हैं तो गलत है ।
अब देखना यह है कि क्या डूडा के कर्मचारियों व अधिकारियों का यह खेल कब तक चलता रहेगा या इस प्रकरण पर कोई ईमानदार अधिकारी जांच करने की हिम्मत जुटा पायेगा या भ्रष्टाचारियों का खेल अनवरत चलता रहेगा यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

क्या है डूडा और कैसे काम करता है?

बाराबंकी डूडा को हिंदी में जिला नगरीय विकास अभिकरण कहते है। तथा अंग्रेजी में इसका फुल फार्म डिस्ट्रिक अरबन डेवलपमेंट एजेंसी है (डूडा) होता है। डूडा यूपी में जिला स्तर पर शहरी गरीबो के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिये योजनाएं संचालित होती है। यानी कि जो शहरी इलाका जहां नगर पालिका या नगर पंचायत होता या शहर क्षेत्र होगा वहाँ डूडा का कार्य क्षेत्र होगा। जिला स्तर पर डूडा के अध्यक्ष जिलाधिकारी होते है तथा इसके सदस्य नगर पालिका व नगर पंचायत के अध्यक्ष होते है। डूडा कार्यालय अधिकतर जिला मुख्यालय पर होता है। डूडा द्वारा किये गये प्रत्येक कार्य ठेकेदार से अपेक्षित होता है कि वह सड़क निर्माण के प्रत्येक पैकेज के लिए एक फील्ड प्रयोगशाला स्थापित करे जिसमें उसे निष्पादन एजेंसी की देखरेख में सामग्री और कारीगरी की गुणवत्ता संबंधी परीक्षण करने होते हैं। निष्पादन एजेंसी के विभागीय अधिकारियों द्वारा गुणवत्ता की जांच के अलावा, राज्य सरकारों द्वारा सड़क कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए स्वतंत्र मॉनिटर तैनात करना अपेक्षित है। केंद्र सरकार द्वारा भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की औचक मॉनीटरिंग के लिए स्वतंत्र राष्ट्रीय गुणवत्ता मॉनीटर (एनक्यूएम) की तैनाती की जाती है।

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