अर्दोग़ान ने 10 देशों के राजदूतों को निकाल देने का आदेश जारी कर दिया
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ 9889789714
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने 10 देशों के राजदूतों को अंकारा से निकाल देने का आदेश जारी कर दिया।
अर्दोग़ान ने आज शनिवार को कहा कि उन्होंने उन 10 देशों के राजदूतों को निकाल देने का आदेश जारी कर दिया है जिन्होंने अंकारा सरकार के विरोधी उस्मान कावाला की आज़ादी का आह्वान किया था।।समाचार एजेन्सी इर्ना ने न्यूज़ एजेन्सी आनातोली के हवाले से रिपोर्ट दी है कि फ्रांस और जर्मनी के राजदूतों ने पिछले सोमवार को एक विज्ञप्ति जारी करके तुर्की सरकार के विरोधी उस्मान कावाला की आज़ादी की मांग की थी।
रजब तय्यब अर्दोग़ान ने कहा कि हमने अपने विदेशमंत्री को आदेश दिया है कि जितनी जल्दी हो सके इन देशों के राजदूतों को अवांछित करार दे दिया जाये। उन्होंने कहा कि इन देशों के राजदूतों को चाहिये कि वे तुर्की को पहचानें और समझें। उन्होंने कहा कि अगर इन देशों के राजदूत तुर्की को नहीं पहचानना चाहते हैं तो उन्हें तुर्की से निकल जाना चाहिये। गत मंगलवार को तुर्की के विदेशमंत्रालय ने अमेरिका,फ्रांस, जर्मनी, डेनमार्क,नार्वे, हालैंड, स्वीडन, फिनलैंड, कनाड़ा और न्यूज़ीलैंड के राजदूतों ने अंकारा सरकार के विरोधी उस्मान कावला की गिरफ्तारी के विरोध में उन्हें जेल से रिहा होने की मांग की थी।
तुर्क अधिकारी फत्हुल्लाह गूलन के संगठन को आतंकवादी संगठन कहते हैं और इसी आरोप में वे चार वर्षों के लिए उस्मान कावाला को जेल में बंद कर दिया। इसी प्रकार तुर्क अधिकारियों का आरोप है कि 15-16 जुलाई वर्ष 2016 को विफल सैन्य विद्रोह में उस्मान कावला का हाथ था और इसी आरोप में उन्होंने दोबारा उस्मान कावाला को गिरफ्तार कर लिया।
दो साल पहले उस्मान कावाल को आरोप से बरी कर दिया गया था परंतु उसके तुरंत बाद उस्मान कावाला पर आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में होने वाले सैन्य विद्रोह में उनका हाथ था।

