हाइब्रिड धान अन्नदाताओं की परेशानी का सबब

एसएम न्यूज़24टाइम्स के जिला ब्यूरो के साथ मसौली संवाददाता अवधेश वर्मा शांती वर्मा की रिपोर्ट मोबाइल नंबर 8707331705

धान खरीद न होने से किसानों का हाइब्रिड धान घाटे की खेती साबित होने लगी

मसौली बाराबंकी। हाइब्रिड धान अन्नदाताओं की परेशानी का सबब बनकर रह गया है। धान खरीद न होने से किसानों का हाइब्रिड धान घाटे की खेती साबित होने लगी है। शासन द्वारा इसकी अधिकतम सीमा उत्पादन का 35 फीसद ही निर्धारित किया गया है। जिससे क्रय केंद्र प्रभारी हाइब्रिड धान खरीदने से परहेज कर रहे हैं। हाइब्रिड धान ने किसानों के माथे पर चिता की लकीरें बढ़ा दी है। वर्तमान समय में क्रय केंद्रों पर किसानों से हाइब्रिड धान की खरीद नाम मात्र की जा रही है।जिससे हाइब्रिड धान की खेती करने वाले किसान परेशान होकर क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं। संबंधित अधिकारी भी इस प्रकरण क संज्ञान नहीं ले रहे हैं। किसानों द्वारा अच्छी उपज के लिए हाइब्रिड धान की बोआई की थी, लेकिन अब सरकारी क्रय केंद्रों पर हाइब्रिड धान की खरीद न होने से परेशान चल रहे हैं।  जिससे किसान लोकल आढ़तियों को औने-पौने दामों में धान बेचने को मजबूर हैं। सामान्य धान की तुलना में हाईब्रिड धान में चावल की मात्रा कम रहती है जिस कारण इस बार क्रय केंद्रों पर शंकर धान की खरीद न करने का निर्णय लिया गया है।

 हाईब्रिड धान की पैदावार होती है अधिक

हाईब्रिड धान की पैदावार सामान्य धान से अधिक होती है। सामान्य धान की पैदावार प्रति बीघा दस से 12 कुंतल होती है तो हाईब्रिड धान की प्रति बीघा 15 से 18 कुंतल की पैदावार होती है। हाईब्रिड धान की पैदावार कम समय और कम पानी में बेहतर होती है।

व्यापारी किसानों से 1200 रुपये कुंतल में खरीद रहे धान

हाईब्रिड धान की खरीद व्यापारी जोर शोर से कर रहे हैं। क्रय केंद्रों पर इस बार 1940 रुपये कुंतल धान खरीद की जाएगी। वहीं व्यापारी किसानों से महज 1200 रुपये कुंतल में धान खरीद रहे हैं। क्रय केंद्रों पर हाईब्रिड धान की बिक्री न होने से किसान मजबूरी में धान बेच रहे हैं।

किसानों के बोल

सैदाबाद के किसान विनय कुमार वर्मा, मुश्कीनगर के फहीम, बड़ागाँव के राम प्रताप वर्मा, मसौली के जगजीवन गौतम, हेतमपुर के राजेन्द्र वर्मा ने बताया कि क्रय केंद्रों पर हाईब्रिड धान की खरीद न होने से समस्या बढ़ेगी। लागत भी निकलना मुश्किल हो जाएगा। जब हाईब्रिड धान खरीदना नहीं है तो धान के हाइब्रिड बीज पर रोक लगा एक ओर सरकार संकर प्रजाति की खेती करने पर जोर देती है दूसरी ओर धान खरीद के लिए परसेंट तय करती है किसानों की सहूलियत के लिए खरीद में छूट देनी चाहिए।

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