धोखाधड़ी के आरोपित गुड्डू जलाली को मिली जमानत
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वाराणसी। धोखाधड़ी व कूटरचना कर मकान का बैनामा करा लेने के मामले में आरोपित को जमानत मिल गयी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अजय कुमार विश्वेश की अदालत ने दीवानगंज (आदमपुर) निवासी मो. जलालुद्दीन खां उर्फ गुड्डू को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, तनवीर अहमद व विकास सिंह ने पक्ष रखा।
प्रकरण के अनुसार आदमपुर निवासी अंजुम बानो ने अदालत के आदेश पर आदमपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसने 24 अप्रैल 2013 को मूल मकान मालिक सिराजुद्दीन से एक मकान का जुज भाग रकबा 877 खरीदा था। मकान क्रय करने के बाद नगर निगम से एक नया मकान नम्बर भी वादिनी के नाम से एलॉट हो गया और वादिनी का नाम उक्त भवन पर दर्ज हो गया। इस बीच उक्त मकान को अभियुक्तगण जलालुद्दीन खां उर्फ गुड्डू, जैनुल आब्दीन, कमरुद्दीन, महबूबे जमाल, मुमताज अहमद, व गुलाम सरवर ने आपस मे साजिश रचकर मकान के मूल नम्बर को दिखाते हुए उक्त भवन को 6 सितम्बर 2016 को बैनामा करा लिये। इसकी जानकारी जब वादिनी को हुई तो उसने अभियुक्तों से विरोध जताया तो उनलोगों ने उसे गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। साथ ही पांच लाख रुपए देने पर उक्त मकान का बैनामा उसके हक में करने की बात की। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गयी कि आरोपित ने रजिस्टर्ड बैनामा कराया है। जिसका साक्ष्य भी पत्रावली में उपलब्ध है। साथ ही इस संबंध में सिविल का एक मुकदमा दीवानी न्यायालय में भी विचाराधीन है। बावजूद इसके सिविल के मुकदमे को आपराधिक रंग देने के लिए फर्ज़ी कथानक के आधार पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। अदालत ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा कि उक्त प्रकरण में हिस्सेदारी का विवाद है। जिसको लेकर सिविल जज की अदालत में मुकदमा विचाराधीन है। मामले के तथ्य व परिस्थितियों को देखते हुए आरोपित की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।

