अनुसूचित जाति के लेखपाल से मारपीट करने के मामले में पूर्व प्रधान को दो साल की सजा
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984
बदायूं। स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट महेंद्र सिंह तृतीय ने अनुसूचित जाति के लेखपाल से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में पूर्व प्रधान को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसको दो साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 13 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव नौनी टिकन्ना पर तैनात लेखपाल चंद्रप्रकाश ने पांच मई 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वह नौनी टिकन्ना गांव पर तैनात थे। वह गांव में राम मनोहर लोहिया आवास की सूची बना रहे थे, तभी गांव के प्रधान तुंगपाल (वर्तमान में पूर्व प्रधान) उनके पास आए और कहा कि आवास की सूची मुझे भी दिखाओ कि इसमें मेरे भाइयों के नाम है या नहीं। लेखपाल चंद्रप्रकाश ने तुंगपाल को बताया कि वह सूची भेज चुके हैं। इससे नाराज होकर प्रधान तुंगपाल लेखपाल को जातिसूचक शब्द कहते हुए मारपीट करने लगा। गांव के लोगों ने बीचबचाव किया। पुलिस ने तुंगपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट महेंद्र सिंह तृतीय ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ऐश्वर्य राजपूत, जितेंद्र कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने प्रधान तुंगपाल को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

