दरोगा की दबंगों को क्लीनचिट को लेकर किसान ने लगाई थी आग। चौकी प्रभारी की हरकत से कठघरे में आ गया पूरा सिस्टम, उठने लगे सवाल।

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

बदायूं। एसएसपी ऑफिस में किसान द्धारा खुद को आग लगाने का मामला यूं ही नहीं हुआ, बल्कि इसमें मौजूदा चौकी प्रभारी राहुल सिंह पुंडीर की भूमिका काफी असंवेदनशील रही। क्योंकि पीड़ित पक्ष ने मुख्यमंत्री पोर्टल (जनसुनवाई) पर अपने साथ हुए घटनाक्रम में शिकायत दर्ज की थी। जबकि दरोगा ने अपनी आख्या में आरोपियों को क्लीनचिट दे डाली। यह भी कह दिया कि आरोप लगाने वाला पक्ष दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहा है। अफसरों ने जब दरोगा की यह कारगुजारी देखी तो उस पर निलंबन की कार्रवाई हुई है। सिविल लाइंस इलाके के रसूलपुर गांव के किशनपाल ने एसएसपी आफिस में आत्मदाह की कोशिश की और गंभीर रूप से झुलस गया। इस घटना के बाद समूचा सिस्टम कठघरे में आ गया। आनन-फानन में अफसरों ने मामले की जांच कराई तो पता लगा कि घटना का मुकदमा आरोपीगणों के खिलाफ पुलिस दर्ज कर चुकी थी लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। इसी बीच आरोपी पक्ष ने भी वादी पक्ष के खिलाफ पुलिस को तहरीर दे डाली। इस पर वादी पक्ष ने सीधे मुख्यमंत्री पोर्टल (जनसुनवाई) पर शिकायत की।

मौजूदा चौकी इंचार्ज मंडी समिति पुलिस चौकी राहुल पुंडीर ने अपनी आख्या में स्पष्ट लिखा कि जनसुनवाई की जांच उन्होंने की है। इसमें पाया गया है। कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पहले ही लिखा जा चुका है। इसमें बलवा व मारपीट की धाराएं शामिल हैं। मामले में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल वादी पक्ष जांच अपने पक्ष में कराने के लिए झूठी शिकायतें कर रहा है।

गिरफ्तारी की जगह गुमराह किया
चौकी प्रभारी ने इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी से पूरी तरह परहेज किया। जबकि संबंधित धाराओं में गिरफ्तारी संभव है। वहीं अफसरों से लेकर जनसुनवाई पोर्टल के अफसरों को गुमराह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यही वजह थी कि वादी पक्ष दरोगा पर साठगांठ का आरोप लगा रहा था। कुल मिलाकर दरोगा की हरकत अफसरों के सामने खुलकर आ गई है।

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

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