सामाजिक बदलाव का आधार होता है कलमकार: प्रदीप सारंग
शान्ती देवी अवधेश वर्मा विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी एसएम न्यूज़ 24 टाइम्स 8707331705
मसौली, बाराबंकी(एसएम न्युज24टाइम्स)। काव्य के पठन द्वारा पाठक या श्रोता के भाव का सामान्य भूमि पर पहुंच जाना साधारणीकरण कहलाता है। जो कवि अपने भाव को जितना अधिक अभिव्यक्ति दे पाता है, उतना सफल कवि हो जाता है। उक्त उद्गार शिवगंगा साहित्य सेवा समिति मसौली के तत्वावधान में शिव गंगा मैरिज लाल में आयोजित मासिक काव्य गोष्ठी के तीसरे आयोजन में पधारे डॉक्टर बृज किशोर पांडेय ने कविता रचना प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करते हुए व्यक्त किए। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रदीप सारंग ने अवधी तथा खड़ी बोली के विभिन्न शब्द प्रयोगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कलमकार अपनी कलम से ही सकारात्मक शक्तियों को पुष्ट बनाता है। यही सामाजिक बदलाव का आधार होता है। उन्होंने अपनी काव्यांजलि प्रस्तुत करते हुए पढ़ा कि ‘दूर है मंजिल समय बहुत कम, जोर लगा ले है जितना दम। मानव के अदम्य साहस ने बाधाओं को जीता हरदम।‘ डॉ. बलराम वर्मा ने पढ़ा कि ‘बारी आज मेरी कल तेरी विधि का यही विधान, नहीं अंतिम पड़ाव आसान।‘ अशोक सोनी ने पढ़ा कि ‘आज दिशाएं पूछ रही हैं अर्जुन तेरा पुरुषार्थ कहां है, कहां गया गांडीव तुम्हारा पांचजन्य का नाद कहां है।‘ राजकुमार सोनी ‘राज‘ ने पढ़ा ‘जन्म दिया और पाला पोसा अपना दूध पिलाया मां, कोख में रखकर खून से सींचा कितना कष्ट उठाया मां।‘ सर्व सम्मति से अगली मासिक काव्य गोष्ठी का विषय ‘गोस्वामी तुलसीदास‘ रखा गया। गोष्ठी का आरंभ भगवान दास वर्मा की वाणी वंदना से हुआ। इस अवसर पर वीणा सुधाकर ओझा महाविद्यालय के शैक्षिक समन्वयक दिनेश सिंह, तुला सिंह, रमेश चंद्र रावत, विश्राम लाल आदि गणमान्य उपस्थित रहे। राजकुमार सोनी ने सभी के प्रति आभार एवं संचालन रवि अवस्थी ने किया।
शान्ती देवी अवधेश वर्मा विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी एसएम न्यूज़ 24 टाइम्स 8707331705

