फातहे फ़रात का निकला जुलूस या सकीना या अब्बास  की गूंजी सदायें हाये  सकीना हाये  प्यास ,या अब्बास , या अब्बास  की सदाओं के साथ देर रात खत्म हुआ  जुलूस  

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

अपनी मजलिसों को ज़िक्रे अली इब्ने अबी तालिब से जीनत दो – मौलाना हिलाल इमाम वही होता है जो हाल के साथ मुस्तक़बिल  व माज़ी के बारे में भी जानता है- मौलाना मुजतबा “मीसम अली अ ने अल्लाह से अपने लिए कभी कुछ भी नही मांगा अगर मांगा तो सिर्फ़ एक फरज़न्द नुसरते हुसैन के लिए मांगा – मौलाना रज़ा  नबी व इमाम बनाने का अख्तियार सिर्फ परवरदिगार को है किसी और को नहीं – आली जनाब मौ० मुजतबा सिले रहम से उम्र में इजाफा होता है अपने रिश्तेदारों से तालुकात खराब न  करो सलाम जरूर करो

बाराबंकी । अपनी मजलिसों को ज़िक्रे अली इब्ने अबी तालिब से जीनत दो, मारेफते अहलेबैत के बगैर मारेफत ए परवरदिगार मुमकिन नहीं । यह बात बाराबंकी में अशरे की आठवीं मजलिस को खिताब करते हुए आली जनाब मौलाना हिलाल अब्बास साहब ने कही । मजलिस से पहले हाजी सरवर अली करबलाई ने नजरानए अकीदत पेश किए । मंज़र अब्बास ने नौहाख्वानी की। मौलाना ने करबला वालों के मसायब पढ़े जिसे सुनकर अजादार रो पड़े। बानिये मजलिस मुतवल्ली सरवर अली रिजवी ने सभी का शुक्रिया अदा किया । मजलिस का आगाज तिलावत से हुआ । सुबह साढे सात बजे मौलाना गुलाम अस्करी हाल में अशरे की आठवी मजलिस को मौलाना अली अब्बास खान साहब ने खिताब किया । इमाम बाड़ा मीर मासूम अली कटरा मे असरे की आठवीं मजलिस को आली जनाब मौलाना जाबिर जौरासी साहब ने खिताब करते हुए कहा कि इत्तेबा ए अमीरल मोमनीन मोमिन की मेराज है। तमन्नाए अली का नाम अब्बास है ।मजलिस का आगाज तिलावत ए कलाम ए पाक से हुआ।आखिर मे मौलाना ने मसायब पेश किए जिसे सुनकर मोमनीन रो पड़े ।आगा फय्याज मियांजानी के अजाखाने की आठवीं मजलिस को मौलाना फैज़ान मेहदी जैदपुरी ने खिताब करते हुए कहा कि अल्लाह ने मोहम्मद व आले मोहम्मद को लोगों को सही रास्ते पर ले जाने के लिए  दुनियां में भेजा ।वो लोग बद क़िस्मत है जो इनसे दूर रहे।मोहम्मद व आले मोहम्मद  सही मक़सद व मंज़िल तक पहुंचने के लिए सही  रास्ते का इन्तेख़ाब करते है ।
डा0 रज़ा मौरान्वी और  अन्जुम ने नजरानए अकीदत पेश किए। वही रसूलपुर मे मोहसिन साहब के अजाखाने की मजलिस को आली जनाब मौलाना तसनीम हैदर साहब ने खिताब किया । नसीर अंसारी ,डा 0रज़ा मौरानवी व हुजैफा अब्बास ने नजरानए अक़ीदत पेश किया ।करबला सिविल लाइन और रिफाकत रिजवी के अजाखाने मे मौलाना मो0 मुजतबा ‘‘ मीसम ‘‘ साहब ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इमाम वही होता है जो हाल के साथ मुस्तक़बिल  व माज़ी के बारे में भी जानता है ।इमाम कभी मामून नहीं हो सकता । बक्शिश की तमन्ना हो तो अहलेबैत की मारेफत हासिल करो।  बन्दा जिन नेमतो का शुक्रिया अदा करता है खुदा उसमे बरकत अता कर देता है । डा 0 रजा मौरानवी,कशिश संडीलवी, बाकर नकवी  , हाजी सरवर अली करबलाईव कामयाब ने भी नजरानए अकीदत पेश किए। इमाम बाड़ा जनाबे जैनब बेगमगंज में मजलिस को दानिश रिजवी ने खिताब किया । मजलिस का ये सिलसिला बेगमगंज के बाद डाक्टर असद (मरहूम अतहर एडवोकेट)के अजाखाने में जहां मजलिस को मौलाना रजा जैदपुरी ने खिताब करते हुए कहा कि बोलो ताकि  पहचाने जाओ,हर इंसान अपनी ज़बान के नीचे छिपा हो ता है ।इंसानियत को बचाने वाले को हुसैन कहते है।मजलिस का ये सिलसिला हैदर हाउस , कम्पनी बाग , लाइन पुरवा, रफी नगर, अस्करी नगर,बेलहरा हाउस , तकिया व पीर बटावन मे देर रात तमाम हुआ।मेंहदी का निकला जुलूस अलम के जुलूस में उमड़ा जन सैलाब ।शाम पांच बजे बेगमगंज शाही मस्जिद से फातहे फ़रात के अलम का निकला जुलूस । नौहाखानी व सीनाज़नी के साथ हुआ क़मा व ज़ंज़ीर का मातम । हाये  सकीना हाये  प्यास ,या अब्बास , या अब्बास  की सदाओं के साथ देर रात खत्म हुआ  जुलूस  ।नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

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