किसान बीमा योजना के तहत मुआवजा न देने पर हाई कोर्ट सख्त, इंश्योरेंस कम्पनी से मांगा जवाब

समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ 9889789714

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के तहत एक वृद्ध महिला को बेटे की मृत्यु का मुआवजा न दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि एक सप्ताह में मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही कोर्ट ने सम्बंधित इंश्योरेंस कंपनी से पूछा है कि ढाई साल से मुआवजा न दिए जाने के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर की तिथि नियत करते हुए कोर्ट ने सीनियर डिवीजनल मैनेजर का हलफनामा तलब किया है। यह आदेश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की पीठ ने ज्ञानवती की याचिका पर पारित किया। याची का कहना था कि उसके बेटे की मृत्यु के पश्चात उसने उक्त योजना के तहत मुआवजे के लिए आवेदन किया था जो ढाई साल बीत जाने बाद भी प्रदान नहीं किया गया है। कोर्ट ने पाया कि जिला स्तरीय कमेटी द्वारा याची के मुआवजे का अनुमोदन कर दिया गया था, बावजूद इसके न्यू इंडिया इंश्योरेंस कम्पनी ने मुआवजा प्रदान नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि यह परेशान करने वाला तथ्य है। इस बीमा योजना का प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा भरा जाता है। कोर्ट ने मैनेजर को मामले में जांच के भी आदेश दिए हैं।

Don`t copy text!