..पूर्व मुख्यमंत्री मा मुलायम सिंह यादव जी की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी के अन्तर्गत शहर के नगर पालिका परिषद में पूरा जनपद नम आंखों से जननायक, किसानों, अल्पसंख्यकों, के मसीहा,गरीब मजलूम हर वर्ग की आवाज़ समाजवादी पार्टी के संस्थापक पूर्व मुख्यमंत्री मा मुलायम सिंह यादव जी की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व प्रदेश महासचिव अरविंद कुमार सिंह गोप जी ने श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित होने के बाद कार्यकर्ताओं से मुखातिब होते हुए दिल से निकली हुई बात को सामने रखते हुए कहा कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष सबके दिल पर राज करने वाले लोकप्रिय,जनप्रिय,नेता मुलायम सिंह की अन्त्येष्टि में एक जनसैलाब उमड़ पड़ा था। पूरा देश सैफई की रोड पर था।लोग नेता जी को एक नजर देखने के लिए परेशान थे।भारत सरकार के कई मंत्री, कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री,और तमाम मंत्री पूर्व मंत्री,सांसद, विधायक, बड़े अधिकारी, उद्योगपति,बड़े पत्रकार सभी लोगों का आने का सिलसिला चलता रहा।इसी से मा नेता जी की लोकप्रियता का पता चलता है कि नेता जी सबके दिल में बसते थे।और कितना लोग उनसे मोहब्बत करने वाले थे।
आजादी की लड़ाई में पूरी दुनिया के लोग सुभाष चन्द्र बोस जी को नेता जी कहते थे,उसके बाद अगर किसी को नेता जी की उपाधि मिली तो वह हम सबके जननायक नेता मुलायम सिंह यादव जी को मिली जिनको पूरा मुल्क ही नही पूरी दुनिया के लोग नेता जी के नाम से पुकारते थे। इन्सान सांसद,विधायक,मुख्यमंत्री, मंत्री, तो बन सकता है लेकिन नेता नही बन सकता है। नेता बनने के लिए बड़ा त्याग और कुर्बानी देना पड़ता है बहुत संघर्षों के बाद नेता मुलायम सिंह यादव जी बने। नेता जी ने बड़ी बड़ी चुनौतियों को स्वीकार किया है हमेशा चुनौतियों को मुंह तोड़ जवाब दिया है। नेता जी छात्र नेताओं के बड़े हिमायती थे तमाम छात्र नेताओं को राजनीति में लाकर विधायक,सांसद और मंत्री बनाया।यह फक्र मुझे भी हासिल है,हमे याद है कि जब मैं लखनऊ विश्वविद्यालय का छात्र संघ का महामंत्री था यह सन 1992 ई की बात है समाजवादी पार्टी की स्थापना हुई थी,बेगम हज़रत महल पार्क लखनऊ में पार्टी का पहला सम्मेलन था नेता जी ने मुझसे कहा गोप चलो भाषण दो हमने थोड़ा संकोच किया फिर मुझे डांटते हुए कहा कि मैं कह रहा हूं तो फिर हमने भाषण दिया नेता जी से हमारे राजनीतिक रिश्ते नही थे।वह मेरे अभिभावक थे हम अपना गार्जियन मानते थे हमारा पारिवारिक रिश्ता था। यह थे हमारे नेता मुलायम सिंह यादव जी। नेता जी के जाने से देश की राजनीति की बड़ी क्षति हुई है।अब इस देश में दूसरा मुलायम सिंह नही पैदा हो सकता है।नेता जी अमर रहेंगे। मैं उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दे।तथा समाजवादी परिवार को सदमा बर्दाश्त करने की सहन शक्ति प्रदान करे।

