तीन दिवसीय रामलीला (धनुषयज्ञ) के अंतिम दिन सीता स्वयंबर व धनुष भंग लीला का आयोजन
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705
मसौली बाराबंकी। विकास खण्ड मसौली की ग्राम मेढिया में चल रही तीन दिवसीय रामलीला (धनुषयज्ञ) के अंतिम दिन सीता स्वयंबर व धनुष भंग लीला का आयोजन समस्तीपुर बिहार नाट्य कलाकारों द्वारा किया गया रामलीला देखने के लिए आसपास गांव के भारी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
सीता के योग्य वर न मिलने पर पिता के रूप में राजा जनक के करूण विलाप ने दर्शकों अश्रुपूरित कर दिया | गुरू बिस्वामित्र का आदेश प्राप्त कर भगवान राम ने जैसे ही शिव धनुष का खण्डन किया तो समूचे दर्शक दीर्घा में जय श्रीराम का उद्घोष गूंजने लगा । भगवान शिवशंकर के धनुष के खण्डन की आवाज़ सुनकर पहुँचे परशुराम के क्रोध को देखकर सभी भयभीत हो गये । लक्ष्मण जी द्वारा परशुराम के क्रोध का सामना किया गया, परशुराम और लक्षमण में हुए वाक युद्ध में दर्शक काफी रोमांचित हुए, दर्शकों द्वारा परशुराम और लक्ष्मण के बीच हुये बीररस, और श्रंगाररस के वाक युद्ध के दौरान प्रांगण में तालियाँ गूँजती रही । भगवान राम के समक्ष अपने भाई की प्राणों की रक्षा हेतु किये गये करुण विलाप ने उपस्थिति जनमानस को करुण रस में डुबा दिया । मानव रूप में भगवान का अपने अनुज भाई के प्रति विलाप की स्थिति देख कर ऐसा अहसास नहीं रहा कि यह की यह लीला का मंचन हो रहा है । उपस्थित प्रबुद्ध जनमानस अश्रु पूरित हो उठा।
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705

