सरकारी शिक्षक स्कूल से नदारत, बच्चो के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़
सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी
बाराबंकी। जहां प्रदेश के मुखमन्त्री आदित्यनाथ योगी सरकार खास कर शिक्षा विभाग पर ध्यान दे रही है। छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा मिले इसके लिये प्रदेश सरकार हर संभव पूरी कोशिश कर रहे है तो वहीं कुछ अध्यापक जम कर उडा रहे सरकार के आदेशों की धज्जियां। मामला जनपद के रामनगर का जहां प्राथमिक विद्यालय मझौनी का प्रधानाध्यापक से ले कर सहायक अध्यापक तक नादारत रहे मौके पर मौजूद प्रज्ञा ने अवगत कराया कि यहां पर दो अध्यापक हैं एक प्राइमरी में और एक जूनियर में जिनके नाम शीतल खरे धर्मेंद्र हैं पर मौके पर कोई उपस्थित नहीं था जबकि वहां गुंजा अवस्थी वह प्रज्ञा बच्चों को पढ़ा रही थी वह अन्य और एक व्यक्ति कागजात लिए बैठा हुआ था जब उससे पूछताछ की गई कि आप किस पद पर हैं और बच्चों को किया पढ़ा रहे हैं तो उसने कोई जवाब ना देते हुए कहा कि मैम से पूछिए वहीं दूसरी ओर प्रज्ञा का कोई भी जवाब नहीं मिला। जिससे साफ जाहिर हो रहा था शिक्षक तीन चार हजार रुपये देकर प्राइवेट टीचर रखा गया है। खुद स्कूल से गायब रहते है ऐसे मे शिक्षक बच्चो को किया शिक्षा देगे कुछ कहा नही जा सकता है। सरकारी शिक्षक बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। वही वजह है की माता पिता अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा के लिये प्राइवेट स्कूल मे पढ़ाने को मजबूर है।
सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी

