बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह को भी धन्यवाद ज्ञापित किया

शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705

मसौली बारावंकी । ग्राम भद्रास ब्लाक निंदूरा तहसील फतेहपुर में विशाल भव्य रूप में भारत रत्न महोत्सव मना कर बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह को भी धन्यवाद ज्ञापित किया कि संविधान निर्माता बोधिसत्व बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने इस देश में मानवता समता स्वतंत्रता बंधुता स्थापित करने के लिए 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में दुनिया के सारे सारे संविधान ओं का अध्ययन करने के उपरांत विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान बनाकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवा दिया और कोलंबिया विश्वविद्यालय जैसे विद्यालय का 200 वर्षों का अध्ययन करने वाले छात्रों का परीक्षण करके दुनिया की 6 सर्वश्रेष्ठ विद्वानों में अपना स्थान प्राप्त करके दुनिया में शिक्षा के क्षेत्र में गौरव हासिल किया देश के पिछड़े दलित महिला और बेसहारा समुदाय हमेशा हमेशा के लिए बाबासाहेब का ऋणी रहेगा इस कार्यक्रम के पावन अवसर पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिला प्रभारी एडवोकेट हरिनंदन सिंह गौतम ने अपने विचार रखते हुए बाबा साहब के बाल काल ले जीवन से लेकर अंतिम सांस तक बाबासाहेब द्वारा कठिन परिश्रम सामाजिक उत्थान के लिए जो संघर्ष किया वह संघर्ष हमेशा हमेशा के लिए स्मरण रहेगा बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अपने इस संघर्ष के दौरान उनका पुत्र रमेश म्रत् देखरेख के अभाव में दूसरा पुत्र गंगाधर मृत्यु के बाद सव को कफन तक नहीं दे पाए तीसरी पुत्री इंदु का इलाज तक नहीं कर पाए व सबसे छोटा लड़का राजरतन अंबेडकर भी जो गोलमेज सम्मेलन के समय रवाना होते हैं बीमार अवस्था में छोड़ कर

चले गए वह भी अंतिम सांस लेकर दुनिया को छोड़ कर चला गया इस बात का गिला उनको जीवन भर रहा कि समाज और इस दौरान हमारे चार चार बच्चे मौत के कोख में सो गए लेकिन उसके बावजूद बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर संघर्षरत रहकर अध्ययन कर सामंती देश के बड़े-बड़े राजनेताओं से संघर्ष कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक मान सम्मान स्वाभिमान शिक्षा सुरक्षा सम्मान वोट का अधिकार दिलाने में कामयाब रहे उन्होंने समाज को धार्मिक आजादी के लिए कालाराम नासिक मंदिर आंदोलन जल सत्याग्रह आंदोलन जैसे बहुत सारे आंदोलन करके समाज व सामाजिक हैसियत दिखाने का भी काम किया और इसी बहाने अधिकार के लिए दस्तावेज तैयार कर साक्ष्य के रूप में गोलमेज सम्मेलन सांचौर सहित अपनी बात रख कर वंचित समाज अधिकार दिलाने का काम किया बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने कहा था जिस समाज में 100 डॉक्टर इंजीनियर 100 वकील आईएस पीसीएस जाएंगे और समाज से अत्याचार हमेशा के लिए मुक्त हो जाएगा लेकिन वर्तमान में हजारों हजारों की संख्या में इंजीनियर लाखों की संख्या में मास्टर होने के बावजूद अत्याचार बंद नहीं हो रहा जिसके लिए शिक्षित समाज सामाजिक सम्मान के लिए संघर्षरत ना होकर अपने परिवार तक ही सीमित रह गया बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने 18 मार्च 1956 मे आगरा के रामलीला मैदान में रोते हुए कहा था कि समाज के पढ़े-लिखे लोगों ने समाज को व देश को धोखा देने का काम किया भविष्य के पढ़े लिखे लोगों से हमें आशा है बाबा साहब श्रम मंत्री कानून मंत्री रहते हैं देश के मजदूरों को देश की महिलाओं के लिए हिंदू कोड बिल लाकर प्रसूति अवकाश समान नागरिक संहिता व मजदूरों को हड़ताल आंदोलन स्वास्थ्य चिकित्सा व सुरक्षा की व्यवस्था दिया देश में विद्युत उत्पादन के लिए रिहंद बांध रिजर्व बैंक की स्थापना बैंकों का राष्ट्रीयकरण जैसी बहुत सारी योजनाओं की ओर उनका सराहनीय ऐतिहासिक कदम रहा उन्होंने अपने कोटे से बहुत सारे विद्यालय और अन्य सामाजिक संस्थाओं की आधारशिला रख समाज के बेहतर भविष्य का निर्माण किया अपने जीवन काल में शेड्यूल कास्ट फेडरेशन लेबर फेडरेशन रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया बुद्धिस्ट सोसायटी आफ इंडिया भारतीय बौद्ध महासभा जैसी संस्थाओं का भी गठन किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अत्यंत सराहनीय कार्य किया उन्होंने अपने जीवन काल में सैकड़ों किताबें लिखकर एक ऐतिहासिक दस्तावेज भी देने का काम किया साथ में मूकनायक बहुत सारी मासिक मासिक पत्रिकाओं का भी प्रकाशन किया समाज को विकास की ओर अग्रसर रहें वंचित समाज को संपूर्ण अधिकार ना मिलने की वजह से व्यथित होकर 14 अक्टूबर 1956 को 900000 लोगों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण कर एक सामाजिक उत्थान के लिए विश्व के सर्वश्रेष्ठ मार्ग को समाज को दिया और या घोषणा की कि 2 वर्ष में संपूर्ण भारत से जाति मुक्त कर प्रबुद्ध भारत सशक्त भारत बनाने की घोषणा की जिसके बाद 6 दिसंबर 1956 को है बाबा साहब अंतिम सांस लेकर दुनिया से अलविदा हो गए मौके पर क्षेत्र के हजारों की संख्या में महिलाएं पुरुष व छोटे-छोटे बच्चे नाट्य संगीत ग्रुप में जीवन संघर्ष को आदि साथ किया बिचारी ग्रुप से ग्रहण किया हुआ बुद्ध अंबेडकर व रमाबाई अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर विशाल भव्य भंडारे का भी आयोजन किया

शान्ती देवी  अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705

 

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