बाढ़ पीड़ितों के लिए नई मुसीबत सरकारी फॉर्म बनाने के चक्कर में किया जा रहा है बे घर

मामुन अंसारी संवाददाता बाराबंकी

 

बाराबंकी से बड़ी खबर बाढ़ पीड़ितों के लिए हुई एक नई मुसीबत सरकारी फॉर्म बनाने के चक्कर में इनको किया जा रहा है बे घर लखनऊ राजधानी से सटे जनपद बाराबंकी जिले से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है जहां पर बांध से सटे लगभग सैकड़ों घर है जहां पर कोई भी व्यवस्था बाढ़ पीड़ितों तक नहीं पहुंचती यहां तक कि इन लोगों को खाने के लाले तक पढ़ते रहते हैं पर सरकार की कोई भी योजना इन लोगों तक नहीं पहुंचती इन लोगों के बच्चों का भविष्य पूरी तरह से अंधकारमय हो चुका है करीब 5 से 6 किलोमीटर दूर बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है और तो और जब बाढ़ का पानी पूरे क्षेत्र में आ जाता है उस समय कम से कम 3 से 4 महीने तक बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से रुक जाती है महिलाओं को सबसे बड़ी समस्या उनकी डिलीवरी के समय कोई भी डॉक्टर नहीं मिलता है और जो सबसे बड़ी बात है करीब तीन चार लोग ऐसे हैं विद्यावती पत्नी कामता प्रसाद उम्र 65 वर्ष विद्यावती के पति कामता प्रसाद बाढ़ में इनकी मृत्यु हो गई राजवती पत्नी मैकू इनका बेटा बायतु उम्र 8 साल पूनम पत्नी मंगल इनका बेटा अर्जुन उम्र 10 साल यह लोग ऐसे हैं जो 6 से 10 साल के बीच में बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई पर इनको सरकार की कोई भी योजना या मुआवजा इन तक नहीं पहुंचा इतना होने के बाद अब इनके ऊपर एक नई मुसीबत आ गई बांध के बगल मैं पुरा गांव में करीब 500 घर हैं जिनमें अब सरकारी फार्म बन रहा है जिससे अब आए दिन आला अधिकारी इनको उखाड़ फेंकने की धमकी देते रहते हैं अब अगर इनको यहां से हटा दिया गया तब आखिर यह कहां जाएंगे और नया ठिकाना कहां ढूंढ लेंगे सरकार को इनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए ताकि इनको कोई स्थाई नया ठिकाना मिल सके यहां के प्रधान वाह जिला पंचायत सदस्य राम कैलाश यादव हुई इनकी मदद के लिए कभी सामने नहीं आते और ना ही इन लोगों को कोई योजना के बारे में कोई जानकारी देते बस इनको चुनाव के समय इनका भरपूर उपयोग करते हैं उसके बाद 5 सालों के लिए इनको लात मार दी जाती है। इस मौके पर इन लोगों की समस्याओं को उठाने का कार्य अखंड जलवंशी प्रगति पथ संस्थान के द्वारा आलाकमान तक पहुंचाने का प्रयास किया गया मौके पर प्रदेश अध्यक्ष बरखा कश्यप संस्थापक अजय कश्यप व वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह कश्यप मुरादाबाद और महेंद्र सिंह तुरहिया मुरादाबाद से चलकर इन लोगों की समस्याओं का जायजा लिया

मामुन अंसारी संवाददाता बाराबंकी

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