नई दिल्ली । कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए सरकार पूरी ताकत लगा रही है। इटली से लाए गए 85 भारतीयों को बुधवार रात को गुरुग्राम के मानेसर स्थित सेना के कैंप में बने आइसोलेशन सेंटर में रखा गया। अधिकारियों के मुताबिक ये लोग स्वस्थ हैं। इन्हें 14 दिनों के लिए देखरेख में रखा जाएगा। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र शासित जम्मू कश्मीर के निजी और सरकारी स्कूल, कालेज, विश्वविद्यालय 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं। हालांकि बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी। एहतियातन जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों में सिनेमा हाल बंद कर दिए हैं। जम्मू संभाग पांच जिलों और कश्मीर के सभी जिलों के आंगनबाड़ी सेंटरों को बंद किया गया है। लेह व कारगिल जिलों में भी 31 मार्च तक विश्वविद्यालय व कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। स्कूलों को पिछले सप्ताह ही बंद कर दिया गया था। ईरान से लौटे जिस बुजुर्ग की मौत हुई थी, उसकी जांच में कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
वहीं पॉजीटिव पाए गए दो मरीजों की सेहत में सुधार हो रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक भूपेंद्र कुमार ने जम्मू में बताया कि नियमित समीक्षा की जा रही है। विदेशों से आए 1211 संदिग्धों को निगरानी में रखा गया है। इसमें 150 ने अपनी निगरानी की 28 दिन अवधि को पूरा कर लिया है। 12 लोगों को अस्पतालों में निगरानी में रखा गया है। कुल 64 संदिग्धों के मामलों को जांच के लिए भेजा गया, जिसमें 28 में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
दिल्ली से स्थानांतरित होकर श्रीनगर आए आइटीबीपी के एक जवान के नमूने लिए गए हैं और उसे शहर के बाहरी क्षेत्र पंथाचौक में स्थित एक क्र्वानटाईन सेंटर में रखा गया है। यह जवान दिल्ली में स्थापित क्वार्नटाईन केंद्र में दो माह तक तैनात रहा था। पंजाब में मंत्रियों के समूह ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी बड़े जलसे की इजाजत न दें। हाई रिस्क वाले देशों से आ रहे लोगों को 14 दिन के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। इस बीच राज्य में सात और लोगों में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। जबकि अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा लैब में चार संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इन्हें छुट्टी दे दी गई है।