सऊदी अरब में फिर हुई विरोधियों की बड़े पैमाने पर धर-पकड़

समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ

सऊदी अरब में भ्रष्टाचार के आरोप में 298 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है।सऊदी संचार माध्यमों के अनुसार रविवार की रात सऊदी अरब में 298 अधिकारियों को गिरफ़्तार किया गया है जिनमें सेना और पुलिस के अधिकारी भी शामिल हैं।  सऊदी अरब के समाचारपत्र ओकाज़ के अनुसार इन लोगों को अपने पद के दुरूपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है।  इससे पहले भी सऊदी अरब की सरकार भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के अन्तर्गत बहुत से लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है जिनमें इस देश के कई वरिष्ठ अधिकारी और शहज़ादे शामिल हैं।
मानवाधिकार संगठनों का यह मानना है कि सऊदी अरब में सरकार की ओर से मनमाने ढंग से की जा रही गिरफ़तारियों का उद्देश्य, सऊदी युरवराज मुहम्मद बिन सलमान के प्रतिद्वदवियों का दमन करना है।  ब्रिटेन के समाचारपत्र इन्डिपेंडेंट ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा था कि जबसे मुहम्मद बिन सलमान, सऊदी अरब के युवराज बने हैं उसके बाद से उनका विरोध करने वाले हर व्यक्ति का दमन किया जा रहा है चाहे वह कोई भी हो।  यहां तक कि सऊदी राजघराने के कुछ शहज़ादों और वरिष्ठ अधिकारियों को केवल इसलिए बंदी बनाया गया क्योंकि उन्होंने वर्तमान युवराज बिन सलमान की नीतियों की आलोचना की थी।
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब के शासक “सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़” 85 वर्ष के हैं जिनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता।  एसी स्थिति में मुहम्मद बिन सलमान के लिए सऊदी अरब की सत्ता पर नियंत्रण करने का पूरा अवसर मौजूद है।  इसी विषय के दृष्टिगत अलग-अलग बहानों से बिन सलमान के आलोचकों और विरोधियों का लगातार दमन किया जा रहा है

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