(दोहरा हत्याकांड)प्रेमी युगल के हत्यारों पर था खून सवार….करना चाहते थे प्रेमी जयपाल के पूरे परिवार का सफाया

मुकीम अहमद अंसारी

बदायूं। बिल्सी प्रेमी युगल के हत्यारों पर खून सवार था।वे जयपाल उर्फ सचिन के पूरे परिवार का सफाया करना चाहते थे। उन्होंने घर का दरवाजा भी खुलवाने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हुए। वे इतना डर गए थे कि वह जयपाल को बचाने तक बाहर नहीं आए। आरोपी काफी देर तक जयपाल का घर को घेरे रहे। जब वे चले गए और ज्यादा संख्या में ग्रामीण घटनास्थल के पास आ गए तब बाहर आए।

ग्राम परौली निवासी महेश की तीन संतानों में नीतू सबसे बड़ी थी। उससे छोटे दो नाबालिग भाई हैं। नीतू और जयपाल का पिछले तीन-चार साल से प्रेम संबंध चल रहा था। उनके घर एक-दूसरे के नजदीक हैं। दोनों के घरों के बीच में केवल नीतू के चाचा का ही घर है। इससे वे एक-दूसरे को बचपन से जानते थे। उनके प्रेम प्रसंग की परिजनों को भी जानकारी थी। जयपाल एक माह पहले हरियाणा चला गया था। इस दौरान दोनों की लगातार एक दूसरे से बातचीत होती रही। 31 दिसंबर की शाम जयपाल हरियाणा से लौटकर आया। बताते हैं कि दोनों की एक साथ भागने की योजना थी। इसी के चलते सोमवार रात करीब 10 बजे नीतू अपने घर से तैयार होकर जयपाल के घर पहुंच गई।इधर जब महेश के परिवार वालों को नीतू घर में दिखाई नहीं दी तो उन्होंने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। वह रातभर नीतू को तलाश करते रहे। रात दो बजे तक जब उसका कुछ पता नहीं चला तो उन्हें यकीन हो गया कि नीतू जयपाल के घर में हैं। इसके बाद इन्होंने जयपाल के घर की घेराबंदी कर दी।इस दौरान प्रेमी युगल अंदर ही रहा। सुबह करीब 4:30 बजे उन्होंने जयपाल के घर का दरवाजा खटखटाया। तभी नीतू और जयपाल घर से निकलकर भागने लगे। इस पर महेश और उसके परिवार वालों ने दोनों की हत्या कर दी। बाद में जयपाल के बाकी परिवार वालों को भी बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन अपने मकसद में कामयाब नहीं हुए। घर के अंदर जयपाल के पिता सूरजपाल, उनकी पत्नी मनीदेवी, पुत्र कक्षा 12 में पढ़ रहा राममोहन (17), कक्षा नौ में पढ़ रहे रामखिलाड़ी (15) और पुत्री खुशवती (12) थे।

*मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज 24 टाइम्स) बदायूं 9719216984*

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