श्रम विभाग, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट,सत्यार्थी फाऊंडेशन काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान बदायूं एवं चाइल्डलाइन बदायूं ने की बाल श्रम रोकने हेतु की छापेमारी
मुकीम अहमद अंसारी
बदायूं। किशोरो से कराया बाल श्रम तो लगेगा जुर्माना_वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी एवं सहायक श्रमायुक्त श्री अजीत कन्नौजिया के द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बालश्रम रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

अभियान में लालपुल तिराहा,कचहरी चौराहा,घंटाघर, चूना मंडी, बड़ा बाजार, आवास विकास रोड, तिराहा,नवादा,बरेली रोड,आदि जगहों पर स्थित ढाबों,लोहे के सामान की दुकान,ऑटो गैराज, मैकेनिक शॉप, कपड़े की दुकान आदि पर छापे मारे गए। जिसमें
कुल 08 बाल श्रमिकों को चिन्हित किया कर बाल श्रम से अवमुक्त कराया गया तथा बच्चों से काम लेने वाले 08 सेवायोजकों के विरूद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी कर आवश्यक कार्यवाही की गई।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्री सतेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि खतरनाक प्रक्रिया के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले सेवायोजकों के विरूद्ध एक वर्ष तक की सजा या 50000/ रूपए तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है, इसके अतिरिक्त सेवायोजक से प्रति बाल श्रमिक 20000/ रूपये की वसूली चाइल्ड लेबर वेलफेयर फंड हेतु प्रथक से की जायेगी तथा यदि कोई माता पिता भी अपने बच्चों को व्यवसायिक कार्य में संलग्न करेगा तो उनके विरूद्ध भी दंडात्मक कार्यवाही अपनाई जायेगी।एएचटीयू प्रभारी श्री मनोज कुमार वर्मा ने कहा कि बाल श्रम कानूनी रूप से जुर्म है। बच्चों को शिक्षा से जोड़कर समाज की मुख्य धारा में लाना बहुत जरूरी है। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन दिल्ली द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट ”न्याय तक पहुंच” को संचालित करने वाली संस्था काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान बदायूं के जिला प्रोजेक्ट मैनेजर गौरव शंखधार ने कहा कि बाल श्रम सामाजिक एवं कानूनी अपराध है। ये समाज के लिए हितकर नहीं है। बच्चों से कार्य कराने पर उनके भविष्य पर कुप्रभाव पड़ता है। तथा बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) संशोधन अधिनियम-2016 के बारे में जानकारी दी ।
अतः सभी जनपद वासियों , दुकानदारों एवम व्यवसायियों से अनुरोध है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बालकों वा किशोरों को काम पर न लगाए अपितु उन्हे स्कूल भेजने में उनकी मदद करें जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके एवम कम उम्र के बच्चों से कार्य कराना कानूनी अपराध होने के साथ ही साथ बच्चों के शारीरिक वा मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है।अभियान श्रम विभाग से वरिष्ठ लिपिक श्री विचित्र सक्सेना,रूबेश,मनीष सुमित कुमार,ए.एच.टी.यू.से कांस्टेबल रामबावू नागर, सत्य प्रकाश,कमल शर्मा आदि मौजूद रहे।
*मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज 24 टाइम्स) बदायूं 9719216984*

