उत्पीड़न करके पकड़े जा रहे बंदरों की सूचना मिलते ही सक्रिय हुए पशु प्रेमी पशु प्रेमी वीकेंन्द्र शर्मा मामले से उच्च अधिकारियों को कराया अवगत

मुकीम अहमद अंसारी

मौके पर पहुंचकर वन विभाग की टीम ने गिरोहों के एक सदस्य पिंजरे मे कैद बंदरों को लिया हिरासत में

सहसवान। थाना जरीफ नगर क्षेत्र की ग्राम मालपुर पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम में बंदरों को कुर्रता के साथ पकड़कर ले जाने गिरोहों की सूचना मिलते ही पशु प्रेमी वीकेंन्द्र शर्मा ने मामले की जानकारी जिले के आला अफसर को दी जिस पर सक्रिय हुए विभाग के आला अफसर ने अधीनस्थों को तत्काल बंदरों को पकड़ने वाले गिरोहों को पकड़ने के निर्देश दिए जिस पर मौके पर पहुंचे वन विभाग , पुलिस टीम ने लोहे के जाल में कुर्रता के साथ पकड़े गए गिरोहो के एक सदस्य तथा लोहे के पिंजरे में कैद भूख प्यास से तड़प रहे एक दर्जन से ज्यादा बंदरों के पिंजरे को जप्त करते हुए पिंजरे में कैद सभी बंदरो को पिंजरे से मुक्त कर दिया मौके पर पशु प्रेमी वीकेंन्द्र शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए हैं अत्याचार एवं क्रूरता के साथ पकड़े गए बंदरों पर अत्याचार करने से हिंदू संप्रदाय के लोगों में जहां भारी रोज है वही पशु प्रेमियों ने दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाने की मांग की है l
जानकारी के मुताबिक थाना जरीफ नगर क्षेत्र की ग्राम मालपुर पुलिस चौकी की नाक के नीचे बीते 3 दिन से मथुरा से गांव के ही उचित दर विक्रेता संतोष देवी के पति बाबा द्वारा ग्राम के बंदरों को पकड़ने के लिए टीम बुलाई गई थी टीम द्वारा ग्राम में जाल लगाकर बंदरों को कुर्रता के साथ टीम पकड़ रही थी बताया जाता है कि अब तक टीम द्वारा 221 बंदरों को पकड़कर तड़पा तड़पा कर मारपीट करते हुए पड़ोसी जंगल में रात के समय पिकअप वाहन द्वारा छोड़ गया चर्चा तो यह भी है कि उसमें से अधिकांश बंदरों की उत्पीड़न के दौरान मृत्यु भी हो गई जिन्हें जंगल में फेंक दिया गया l
बताया जाता है कि मामले की जानकारी जैसे ही पशु प्रेमी वीकेंन्द्र शर्मा को मिली वह तत्काल अपनी टीम के साथ उपरोक्त मौके जिले के उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी देकर रवाना हो गए जैसे ही मामले की जानकारी जिलाधिकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभागीय निर्देशक को मिली तो उन्होंने अपने अधीनस्थों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए अधीनस्थ जानकारी मिलते ही सहसवान रेंज उपवन क्षेत्र अधिकारी अंकेस शर्मा वनरक्षक अनिल राजपूत तथा पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए जहां उन्होंने बंदरों को पकड़ने वाले गिरोहो के एक सदस्य को मौके से पकड़ लिया तथा साथ ही एक लोहे के पिंजरे में कैद भूख प्यास से तड़प रहे एक दर्जन से ज्यादा बंदरों को जिसमें कई मासूम बच्चे थे पिंजरे को हिरासत में ले लिया तथा भूख प्यास से तड़प रहे बंदरों को उपरोक्त लोगों ने पिंजरा खोलकर आजाद कर दिया मौके पर पशु प्रेमी वीकेंन्द्र शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए हैं l
बंदरों को पकड़ने के लिए ग्राम प्रधान सुशील यादव के प्रधान पति संजय यादव से जब बात की गई तथा बंदरों को पकड़ने के लिए अनुमति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया बंदरों को पकड़ने की अनुमति के लिए वन क्षेत्र अधिकारी को पत्र 23 फरवरी को दिया गया है जिस पर जब वन क्षेत्र अधिकारी अशोक कुमार त्यागी से बात की गई तो उन्होंने बताया की ग्राम प्रधान द्वारा उन्हें बंदर पकड़वाने के लिए अनुमति का एक पत्र दिया गया है जो प्रभागीय निदेशक बदायूं को अनुमति के लिए भेज दिया गया है परंतु अनुमति प्रभागीय निदेशक द्वारा समाचार लिखे जाने तक नहीं दी गई है चर्चा यह भी है ग्राम के उच्च दर विक्रेता संतोष देवी के पति बाबा द्वारा मथुरा से नन्नू से संपर्क कर ₹200 प्रति बंदर टीम द्वारा पकड़े जाने पर मामला तय हुआ था नन्नू की तीन सदस्यों टीम ने ने अनुमति न मिलने से पूर्व भी लगभग चार दिन से पूरे ग्राम में जाल लगाकर 221 बंदरों को जिसमें उनके मासूम बच्चे भी शामिल हैं कुर्रता के साथ पकड़कर उन्हें पिकअप में भरकर ग्राम भज्जी की मढैया के जंगल में छोड़ दिया चर्चा तो यह भी है बंदरों के उत्पीड़न की कार्रवाई से अधिकांश बंदरो की मृत्यु भी हो गई जिन्हें जंगल में फेंक दिया गया l
चर्चा है की ग्राम में बंदरों को पकड़वाने के लिए ग्रामीणों ने एक कमेटी बनाई थी और उसका खर्चा जो भी बंदरो को पकड़ने के लिए टीम आएगी उसके पैसे के लिए व्यवस्था भी की गई व्यवस्था में चर्चा है गांव के कुछ लोगों ने उचित दर विक्रेता ने सुझाव दिया कि अगर गांव के लोग एक माह का खाद्यान्न ना लें तो बंदरों को पकड़ने का पूरा खर्चा वह बहन कर देगा चर्चा यह भी है की फरवरी मार्च का उचित दर विक्रेता द्वारा कार्ड धारकों के पास मशीन द्वारा अंगूठे तो लगवा लिए गए परंतु खाद्यान्न का वितरण नहीं किया गया उचित दर विक्रेता के पास जितना खाद्यान्न बचा उसे बाजार में बेचकर उचित दर विक्रेता ने बंदर को पकड़ने वाले टीम के सदस्यों को ₹200 प्रति बंदर पकड़े जाने का भुगतान किया है बंदरों को पकड़ने की भुगतान की जिम्मेदारी उचित दर विक्रेता को ग्रामीणों द्वारा सौपे जाने की चर्चा है बरहाल बंदरों को ग्राम से पकड़वाने के लिए ग्रामीणों द्वारा किसी से अनुमति नहीं ली गई खंड विकास अधिकारी ने भी किसी भी जानकारी से इनकार किया है l

*मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज 24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984*

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