कोरोना का दंशः इटली में घरों में मर रहे हैं लोग, इस्राईल अपनी सैन्य छावनियों की हालत छिपाने के लिए परेशान
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
कोरोना वायरस की महामारी के चलते इटली में यह हालत हो गई है कि लोग घरों में मर रहे हैं। इस देश में अब तक कोरोना से 15 हज़ार 887 जानें जा चुकी हैं जबकि 1 लाख 24 हज़ार 632 लोग कोरोना से संक्रमित हैं।
हालिया दिनों इटली में कोरोना से मरने वालों की संख्या में कुछ कमी आई जिस पर इटली के नागरिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी एंजीलो बोरीलो ने कहा कि यह हमारे लिए अच्छी ख़बर है क्योंकि इससे हमारे अस्पतालों पर पड़ने वाला क्षमता से अधिक बोझ कुछ कम होगा।
मगर इस बीच रोयटर्ज़ समाचार एजेंसी ने रिपोर्ट दी कि बहुत से इतालवी अब अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण घर में ही दम तोड़ दे रहे हैं। इसका मतलब यह है कि उनकी गिनती कोरोना से मरने वालों में नहीं हो रही है।उत्तरी इटली में रहने वाली सिलविया बरटोलीटी ने बताया कि वह 11 दिन तक अपने 78 साल के पिता को डाक्टर को दिखाने की कोशिश करती रहीं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी और आख़िरकर 18 मार्च को उनके पिता की घर में ही मौत हो गई।नर्सों और डाक्टरों ने रायटर्ज़ से बातचीत में बताया कि यह कोई इकलौता मामला नहीं है बल्कि दर्जनों की संख्या में लोग रोज़ाना अपने घरों में मर रहे हैं।सरकार जो आंकड़े घोषित कर रही है वह अस्पताल में मरने वालों के आंकड़े हैं।
इस बीच इस्राईल से सूचना मिल रही है कि वहां सेना के भीतर बहुत तेज़ी से कोरोना वायरस फैल रहा है क्योंकि सैनिक सामाजिक दूरी के निर्देशों का ठीक से पालन नहीं कर रहे हैं।रविवार को मीडिया ने इस बात का ख़ुलासा किया कि इस्राईल की सबसे बड़ी सैनिक छावनी में सैनिकों को कमरों में बंद रहने का आदेश दे दिया गया है।नक़ब मरुस्थल में शेरोन छावनी में कम से कम आठ सैनिक कोरोना पाज़िटिव पाए गए हैं और 100 को क्वैरेंटाइन में भेजा गया है। इस छावनी में लगभग 10 हज़ार सैनिक रहते हैं।इस बीच चैनल-12 ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना से संक्रमित सैनिकों की संख्या इससे बहुत ज़्यादा है और सरकार असली आंकड़े सुरक्षा कारणों से छिपा रही है।इस्राईल के चीफ़ आफ़ आर्मी स्टाफ़ जनरल एवीवी कोख़ाफ़ी और दो बड़े कमांडर कोरोना के संदेह में क्वैरेंटाइन में भेजे जा चुके हैं। प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू और कुछ मंत्री भी कोरोना पाज़िटिव पाए गए हैं।

