योगी सरकार के तमामदावे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुबेहा पर खोखले साबित हो रहें हैं।

हैदरगढ़-बाराबंकी। ग्रामीण इलाके के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्यसेवाएं मुहैया कराने के योगी सरकार के तमामदावे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुबेहा पर खोखले साबित हो रहें हैं। 42 ग्राम पंचायतों के कुल 106 गांवों के हज़ारों ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैय्या कराने के दावा करने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुबेहा खुद ही लापरवाही जैसे गंभीर बीमारी से जूझता नज़र आ रहा है। जिम्मेदारो की लापरवाह कार्य शैली के चलते यहाँ की स्वास्थ्य सेवाएँं पूरी तरह बेपटरी हो चली है और जिसका खामियाजा यहाँ पर आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को उठाना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुबेहा की बेपटरी स्वास्थ्य सेवाओ का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां दो टैकनीशियन तो तैनात है, लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि यहां अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन ही नहीं है। जिसके चलते मरीज़ों को प्राइवेटडायग्नोस्टिक सेंटरों की लूट का शिकार होना पड़ता है। यही नही बल्कि सीएचसी पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी नही है।जिसके चलते महिलाओं से संबंधित बीमारियों. के इलाज के लिए यहां आने वाली महिलाओं को जहां मायूस होकर लौटना पड़ता है वहीप्रसूताओं को 16 किलोमीटर दूर सीएचसी हैदरगढ़ या अमेठी जनपद के शुकुलबाजार सीएचसी का पड़ता है।आपातकाल की स्थिति में निजी अस्पतालोंकी लूट का शिकार होंकर जान और माल दोनों को खतरे में डालना पड़ता है। यहां आने वाले मरीजों की माने तो सीएचसी में जीवन रक्षक दवाओं और एंटी रैबीज़ इंजेक्शन का टोटा लगा रहता है। जिसकेचलते अस्पताल में आने वाले मरीजों को समुचित इलाज के बगैर यहां से मायूस होकर लौटना पड़ता है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ ओमप्रकाश कुरील का कहना है कि अस्पताल में जो मशीनें उपलब्ध नहीं हैऔर जिन रोगो के विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं है उससे जिले के अधिकारियों कोअवगत करा दिया गया हैं। वही बाराबंकी के सीएमओ डॉक्टर अवधेश यादव ने बताया किसीएचसी सुबेहा में जल्द ही अल्ट्रासाउंड वएक्स-२े मशीन लगवा दिया जाएगा और जोस्टाफ की कर्मी है इस समस्या को भी दूरकिया जाएगा।

Don`t copy text!