क्या ईरान इस्राईल को उसी के हथियार से जवाब देगा, कैसे? रूस के चैनल Avia.pro का कहना है

समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ

?1 अक्तूबर 2013 को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल के दक्षिण में स्थित सियोंगनाम में सैन्य परेड के दौरान इस्राईल निर्मित स्पाइक मीज़ाईल की तस्वीर

रूस के एविएशन से जुड़े एक न्यूज़ चैनल का कहना है कि ईरान ने, लगता है इस्राईल के उस मीज़ाईल की कॉपी बना ली है जो सीरिया में मार गिराया गया था। इस न्यूज़ चैनल ने ईरान के नए ऐंटी टैंक मीज़ाईल के टेस्ट की वीडियो का हवाला दिया है।Avia.pro के मुताबिक़, ईरान का नया मीज़ाईल इस्राईल के उन मीज़ाइलों जैसा लगता है जो सीरिया पर हमले के वक़्त रूस के इलेक्ट्रॉनिक तंत्र के ज़रिए मार गिराए गए थे।
इस रिपोर्ट के मुताबिक़, इस्राईल के मार गिराए मीज़ाईल को ईरानी इंटेलीजेन्स सेवा कथित रूप से सीरिया से निकाल ले गयी, जिसकी स्टडीज़ की गयी और उसकी कॉपी बनायी गयी।इस न्यूज़ चैनल ने एक वीडियो शेयर की है, जिसमें इस्राईल की ‘स्पाइक’ मीज़ाईल की ईरानी कॉपी, लक्ष्य को पूरी सूक्ष्मता से निशाना बनाते हुए नज़र आ रही है।Avia.pro ने एक माहिर के हवाले से कहा कि ईरान निकट भविष्य में तेल अविव के ख़िलाफ़ उसी के मीज़ाईल को इस्तेमाल कर सकता है।ग़ौरतलब है कि ईरानी अधिकारी बारंबार कह चुके हैं कि उनके देश का मीज़ाईल प्रोग्राम अपारंपरिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि देश की निवारक क्षमता का हिस्सा है।आईआरजीसी के कमान्डर के मुताबिक़, ईरान, मीज़ाईल टेक्नॉलोजी के मैदान में पश्चिम एशियाई देशों में पहले नंबर पर है।आईआरजीसी की एरोस्पेस विंग के कमान्डर जनरल अमीर अली हाजीज़ादे ने पिछले अगस्त में कहा थाः “आज हम मीज़ाईल टेक्नॉलोजी में इलाक़े में पहले नंबर पर और इस नज़र से दुनिया के कुछ ताक़तवर देशों में हैं।”
आईआरजीसी के मुख्य कमान्डर जनरल सलामी ने जून में कहा था कि ईरान बैलिस्टिक मीज़ाईल बनाने के लिए ज़रूरी टेक्नॉलोजी को इस्तेमाल करके ताक़त के संतुलन को अपने हित में करने में सफल हो गया है।जनरल सलामी ने बताया कि इस्लामी गणतंत्र 12 साल पहले, अमरीकी एयरक्राफ़्ट कैरियर से देश की रक्षा के लिए कोशिश के दौरान, जानकारी हासिल कर चुका है।

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