शहाबपुर मदरसा इस्लामिया सुन्नतुल उलूम में तहफ्फुज ए इमान जलसा में 19 बच्चो की दस्तार बंदी

मसौली संवाददाता रिजवान अहमद

मसौली बाराबंकी। थाना क्षेत्र क़स्बा शहाबपुर में मदरसा इस्लामिया सुन्नतुल उलूम के सरपरस्त हाजी ऐजाज हुसैन कारी मोहम्मद फैजान की जानिब से मदरसा इस्लामिया सुन्नतुल उलूम में तहफ्फुज ए इमान जलसा ए दस्तार बंदी का आयोजन किया गया। मदरसा से हाफिज की तालीम करने वाले 19 बच्चों को मुफ्ती अख्तर हुसैन अलीमी के मुबारक हाथो से तहफ्फुज ए इमान जलसा ए दस्तारबंदी में हाफिज ए कुरान

हाफिज मो इरफान, हाफिज मो समीर, हाफिज सलाहुद्दीन, हाफिज मोहम्मद फैजान, हाफिज मोहम्मद अयान, हाफिज मोहम्मद अयान, हाफिज मोहम्मद एहतेशाम, हाफिज मोहम्मद शमसुद्दीन, हाफिज मोहम्मद हाशिम, हाफिज मोहम्मद शाहिद, हाफिज मोहम्मद आवैस, हाफिज मोहम्मद अरसलान, हाफिज मोहम्मद आदिल, हाफिज मोहम्मद हसनैन, हाफिज मोहम्मद अबसार, हाफिज अब्दुल्ला, हाफिज मोहम्मद अरशद, हाफिज मोहम्मद खालिद, हाफिज मोहम्मद अमन, हाफिज मोहम्मद फय्याज ,मुकम्मल करने वाले बच्चों की पगड़ी बांधी गयी। मेराज रज़ा इस्माईली लखनवी ने नात शरीफ में पढ़ा हुज़ूर लाजवाब है व हसनैन के नाना। नात सुनकर महफ़िल ए जलसा में बैठे लोगों ने नारे ए तकबीर के साथ हौसला अफजाई की।
जलसा ए दस्तारबंदी में जाहिद अली निजामी ने किताब फरमाया अपने किताब में दीन इस्लाम से जुड़ी बहुत सी बातों का बयान किया महफिल में सभी लोगों का शुक्रिया अदा करते हुए मौलाना सुऐब मिस्बाही ने कहा हाफिज की उपाधि बहुत बड़ी चीज है अल्लाह जिसे चाहता है उसी को हाफिज ए कुरान बनाता है आज हम सब एक मजमे में इकट्ठा होकर जितने भी हाफिज हैं उनके अच्छे मुस्तकिल के लिए दुआएं खैर करें जलसे को ख़िताब करते हुए मुफ्ती कलीम नूरी ने कहा कि इस्लाम एक ऐसा दीन है जो ख़ैरो बरकत और अमन व सलामती से इबारत है। इसमें अपने पराए, वाक़िफ़ नावाक़िफ़, बड़े छोटे, हाकिम मह्कूम, औरत मर्द, हर एक के हुक़ूक़ का ना सिर्फ ये कि एहतिमाम किया गया है बल्कि उनकी अदायगी को इबादत क़रार दिया गया है। इसलिए इस्लाम आलमे इंसानियत के लिए पाँच चीज़ों के तहफ़्फ़ुज़ औऱ निगेहदाश्त की ज़मानत फ़राहम करता है। हिफ़्ज़े नफ़स, हिफ़्ज़े माल, हिफ़्ज़े अर्ज़, हिफ़्ज़े दीन और हिफ़्ज़े नस् । उन पर ग़ौर करने से मालूम होगा कि इस्लाम इंसान की जान और उसके माल, उसकी इज़्ज़त, उसके दीन और उसकी नस्ल की हिफ़ाज़त का बहुत एहतेमाम करता है। लिहाज़ा हुक़ूक़ुल्लाह के बाद जब हम हुक़ूक़ुल ऐबाद की बात करते हैं तो इसमें एक इंसान पर दूसरे इंसान की इन पाँच चीज़ों की हिफ़ाज़त लाज़िम आती है।
मोलाना असरार फैजी साहब ने कलमा तैय्यबा की हकीकत बयान करते हुए कहा कि अल्लाह के सिवा रेजा भर कोई माबूद नही है। पूरे जहान व कुल मख़लूक़ात का पालनहार सिर्फ एक अल्लाह है। जलसे में मौजूद मोमिनों से नमाज कायम के साथ साथ पैगम्बर ए इस्लाम मुहम्मद साहब के बताये हुए तरीके से जीवन बसर करने की अपील की।
मोलाना अब्दुल हमीद ने बयान में मोहब्बते रसूल का जिक्र करते हुए कहा कि सच्चा मोमिन वह है जो अपने बाप,दादा,भाई,बीबी, मकान, तिजारत इन तमाम चीजो से ज्यादा मोहब्बत रसूल से करे। कारी फरीद की निजामत मे आयोजित जलसे में बच्चों द्वारा नाते पाक पेश की गई और हिफज हुए बच्चो को इनआम वितरित किये गये। इस मौक़े मास्टर मो0 फरहान, हाफिज दिलदार हुसैन, मास्टर तौकीर, हाफिज सद्दाम, हाफिज मोहम्मद इमरान,मोहम्मद अबरार,अली हुसैन,सहित जलसे भारी संख्या में लोग मौजूद रहे

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