आखिर कहां गई,,,,,,,,,,,,,,,,,, पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य ने निजीकोष से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खितौरा को दी थी एंबुलेंस,
मुकीम अहमद अंसारी
क्षेत्र की जनता ने पूर्व सांसद से मरीजो को उपचार के वास्ते दूर दराज ले जाने में होने वाली दिक्कतो का दिया था हवाला,
एम्बुलेंस को जमीन निग़ल गई आसमान खा गया या कबाड़ियों के हाथ बेची गई, इसकी क्षेत्र में हो रही है जबरदस्त चर्चा,
सहसवान, बदायूं। भारतीय जनता पार्टी की पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य ने सहसवान विधानसभा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खितौरा के लिए लगभग 20 माह पूर्व अपने निजी कोष से लाखों रुपए की कीमत की सभी सुविधाओं से लैस एक एंबुलेंस वाहन स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य केंद्र को एंबुलेंस अर्पित करते हुए कहा की एंबुलेंस क्षेत्र के लोगों को इमरजेंसी पड़ने पर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर दराज अस्पतालों में ले जाने के लिए मुफीद साबित होगी क्षेत्र की जनता ने पूर्व सांसद के इस निर्णय का भव्य स्वागत करते हुए पुष्प वर्षा की तथा उन्हें फूल मलाए पहनाकर भव्य स्वागत किया ।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खितौरा से संबद्ध क्षेत्र की जनता को 20 माह बाद भी एम्बुलेंस का लाभ न मिल पाने के कारण क्षेत्र की जनता में यह सवाल आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है की पूर्व सांसद डॉ संघमित्रा मौर्य द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खितौरा को अपने निजीको से दान दी गई एम्बुलेंस को आसमान निग़ल गया या जमीन खा गई या फिर कबाड़ियों के हाथ कबड्डी में बेच दी गई।
क्षेत्र की जनता द्वारा यह सवाल बार-बार किया जा रहा है कि आखिर लाखों रुपए की कीमत से पूर्व सांसद द्वारा क्षेत्र की जनता को हो रही परेशानी के मध्य नजर दान में दी गई एंबुलेंस दान के ही दिन से कहां लापता हो गई।
बताया जाता है की पूर्व सांसद डॉ संघमित्रा मौर्य द्वारा अपने निजी कोष से लाखों रुपए की हरियाणा प्रदेश से खरीद कर लाई गई एंबुलेंस का टेंपरेरी नंबर संख्या को स्वयं पूर्व सांसद ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खितौरा पर आयोजित एक विशाल स्वागत सम्मान समारोह में उपरोक्त एंबुलेंस को क्षेत्र की जनता के लाभ के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पूर्व सांसद द्वारा क्षेत्र की जनता को इमरजेंसी के समय उपलब्ध होने के उद्देश्य से रवाना की गई एम्बुलेंस उद्घघाटन के समय से ही किस अज्ञात गंतव्य के लिए रवाना हो गई आज तक उसका पता नहीं चल पा रहा है आखिर वह एंबुलेंस है कहां किस क्षेत्र की जनता इसका लाभ उठा रही है या उपरोक्त एंबुलेंस को स्वास्थ्य विभाग द्वारा अन्य किसी प्रयोग में लाया जा रहा है क्षेत्र की जनता में यह बात दिन पर दिन जोर पकडती जा रही है लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं कि आखिर पूर्व सांसद द्वारा खितोरा क्षेत्र की जनता को समर्पित एम्बुलेंस को विभाग के कर्मचारी कहां ले गए आसमान निगल गया या जमीन खा गई या फिर उपरोक्त एंबुलेंस को कबाड़ा होने पर किसी कबाडी के हाथों चंद पैसे की लालच में बेच दिया गया।
इधर सूत्रों का कहना है कि उपरोक्त एंबुलेंस को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर इस लिए खड़ा कर दिया गया है उसका पंजीकरण नहीं हो सका है पंजीकरण के बिना उपरोक्त एंबुलेंस को चलाना संज्ञेय अपराध है। बताया जाता है कि उपरोक्त एंबुलेंस वाहन हरियाणा प्रदेश के टेंपरेरी नंबर टी ओ 523 एचआर 5319 ए एफ पर दर्ज है।
आखिर बीते 20 माह से उपरोक्त एम्बुलेंस का पंजीकरण न कराये जाने के लिए आखिर कौन दोषी है आखिर लाखों रुपए की पूर्व सांसद द्वारा जनता को अपनी निजी को से उपलब्ध कराई गई लाखों रुपए कीमत की एंबुलेंस चंद पैसों की खातिर पंजीकरण के लिए किस स्टोर में पंजीकरण का इंतजार कर रही है आखिर इसके लिए कौन कसूरवार है क्षेत्र की जनता पूर्व सांसद या अधिकारीगण क्या क्षेत्र की जनता की जिम्मेदारी है कि उपरोक्त एंबुलेंस का वह पंजीकरण कारण या दानदाता पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य जो लाखों रुपए खर्च करके क्षेत्र की जनता की सेवा के लिए एक एंबुलेंस दे सकती हैं तो क्या वह पंजीकरण नहीं करा सकती थी पंजीकरण करा सकती थी अगर किसी भी अधिकारी या क्षेत्र के किसी जागरूक नागरिक ने पूर्व सांसद को एंबुलेंस के पंजीकरण के लिए कहा होता पंजीकरण भी हो जाता और क्षेत्र की जनता उपरोक्त एम्बुलेंस का लाभ भी ले रही होती आखिर ऐसी कौन सी वजह रही कि बीते 20 माह से पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य द्वारा क्षेत्र की जनता को अपने निजी कोष से उपलब्ध कराई गई जनता को एम्बुलेंस का क्या लाभ मिला, संसद को क्या लाभ मिला तथा भारतीय जनता पार्टी जिसकी वह सांसद थी उसे क्या लाभ मिला हां इतना अवश्य है की एंबुलेंस में उपलब्ध मेडिसिन किट उपकरण ऑक्सीजन सिलेंडर इत्यादि जहां कबाड़ा हो गए वाहन की भी आयु कम हो गई। इसके लिए कसूरवार कौन है किसने इसका पंजीकरण नहीं कराया दोषी के विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी यह सवाल भी क्षेत्र की जनता बार-बार उठा रही है यही कारण है की क्षेत्र के कई संभ्रांत लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेज कर क्षेत्र की जनता से खिलवाड़ करने वाले अधिकारी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के लिए मांग की है। पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य से मोबाइल पर जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैं अपने निजी कोष से खितौरा क्षेत्र की जनता को एंबुलेंस वाहन उपलब्ध कराया था जिसका उद्देश्य क्षेत्र के इमरजेंसी लोगों को सहायता उपलब्ध कराना था परंतु एंबुलेंस वाहन का प्रयोग नहीं हो रहा है यह एक गंभीर विषय है जब उनसे पूछा गया कि वाहन का पंजीकरण नहीं हुआ है इसलिए उपरोक्त एंबुलेंस वाहन क्षेत्र की जनता को उपलब्ध नहीं हो पा रही है तो उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है वह इस बाबत बात करेंगी ।इस बाबत चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत त्यागी से जब बात करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका। मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी जब मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया तो बात नहीं हो सकी।
पत्र में रामचंद्र प्रेमपाल किशन लाल शिवम झंडू सिंह राम लखन दीपेंद्र मोहम्मद सलीम आमिर खान नसीरुद्दीन चंदा रामबाती राजवीर हीरालाल पूरन सिंह रिहाना सुल्तान मनोज बीरबल सहित दर्जनों लोगों के हस्ताक्षर हैं।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

