मुख्यमंत्री जनता दर्शन में प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की प्रक्रिया में बदलाव, शासन ने दिए सख्त निर्देश
सहसवान , बदायूं।
मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में प्राप्त राजस्व संबंधी प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की प्रक्रिया में अब बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक इन मामलों में लेखपाल स्तर से आख्या प्राप्त कर उन्हें अग्रसारित कर दिया जाता था, जिससे शिकायतों का निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण नहीं हो पाता था। शासन ने इस व्यवस्था में सुधार करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब राजस्व संबंधी मामलों की जांच लेखपाल नहीं बल्कि नायब तहसीलदार द्वारा की जाएगी।
शासन के अनुसार, नायब तहसीलदार को यह निर्देशित किया गया है कि वह अभिलेखीय तथ्यों, स्थलीय स्थिति का अवलोकन कर तथा शिकायतकर्ता की सुनवाई के बाद विवेकपूर्ण तरीके से कानून के अनुरूप आख्या प्रस्तुत करें। इसके बाद ही उप जिलाधिकारी (SDM) द्वारा उस प्रकरण में निर्णय लेकर समाधान कराया जाएगा और तत्पश्चात ही संबंधित पोर्टल पर आख्या अपलोड की जाएगी।
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब केवल यथास्थिति से अवगत कराना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि दोनों पक्षों की विधिक एवं वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूर्ण समाधान का प्रयास किया जाना चाहिए।
इस संबंध में अपर प्रमुख सचिव एस. पी. गोयल ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को पत्र जारी करते हुए उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही या औपचारिकता नहीं बरती जानी चाहिए।
यह निर्देश मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों के त्वरित और न्यायसंगत समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

