अमरीका में उठी मांग कि सऊदी अरब को उसके हाल पर छोड़े वाशिंग्टन सरकार
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
भारी तेल संकट के बीच सऊदी अरब के तेल टैंकर अमरीका पहुंचे हैं तो इस देश में यह मांग ज़ोर पकड़ गई है कि सऊदी अरब को उसके हाल पर छोड़ दिया जाए और वहां मौजूद अमरीकी सैनिकों को वापस बुलाया जाए। डाकोटा के सिनेटर केविन क्रीमर ने राष्ट्रपति ट्रम्प के सामने मांग रखी है कि वह अमरीका में मौजूद 2500 अमरीकी सैनिकों को वापस बुलाएं और वहां तैनात वायु रक्षा सिस्टम को भी हटा लिया जाए।
क्रीमर ने एक इंटरव्यू मे कहा कि अमरीकी रिफ़ाइनरियों में अब सऊदी अरब का तेल नहीं आना चाहिए क्योंकि सऊदी अरब ही तेल के बाज़ार में फैले संकट का ज़िम्मेदार है जिसके नतीजे में अमरीका की शेल आयल कंपनियां दिवालिया हो रही हैं।
क्रीमर ने कहा कि जब सऊदी अरब हमारे तेल उद्योग के ख़िलाफ़ जंग कर रहा है तो हमारे सैनिक और वायु रक्षा सिस्टम वहां क्यों मौजूद हैं? इससे पहले कुछ अमरीकी सेनेटरों ने कहा था कि अमरीका आने वाले सऊदी अरब के तेल टैंकरों को बीच रास्ते से लौटा दिया जाना चाहिए। अमरीका के तेल उत्पादक राज्यों की ओर से मांग बढ़ रही है कि सऊदी अरब के ख़िलाफ़ कठोर कार्यवाही की जाए।
दूसरी ओर कांग्रेस की एक कमेटी ने भी विदेश मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय से मांग की है कि वह सऊदी अरब के ऊर्जा सेक्टर के साथ सहयोग की विशेष कांग्रेस कमेटियों के समक्ष नियमित रूप से ब्रीफ़िंग दें। कमेटी ने कहा है कि कांग्रेस के लिए यह देखना ज़रूरी है कि 1954 के परमाणु ऊर्जा क़ानून में संशोधन किया जाना चाहिए या नहीं। अमरीकी सांसदों ने कहा कि सऊदी अरब के साथ ट्रम्प प्रशासन की बातचीत की उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। कांग्रेस को इस बात पर चिंता है कि ट्रम्प प्रशासन कहीं परमाणु हथियार के निर्माण में सऊदी अरब की मदद तो नहीं कर रहा है?

