बाराबंकी। जनपद में रमजान बहुत ही अकीदत के साथ मनाया जा रहा है, जनपदवासी लाकडाउन का पालन करते हुए अपने-अपने घरों में रोजा-नमाज व ईबादत कर रहे हैं। और अल्लाह से कारोना जैसी महामारी से निजात पाने की दूवा मांग रहे हैं। रमजानुलमुबारक रहमत व बरकत, मगफेरत और हिदायत का पाकीजा महीना है। इस माह-ए-मुबारक में खुदा की रहमत, बरकत व मगफेरत से सभी रोजेदार फैजयाब होते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के देवा, बंकी, मसौली, हैदरगढ़, सिद्धौर, मसौली, सफदरगंज आदि सहित सम्पूर्ण जनपद में रोजेदार अकीदत के साथ रोजे रखकर तिलावत कर रहे हैं। वर्तमान समय में लाकडाउन में थोड़ी छूट मिल जाने के कारण बाजारों की रौनक बढ़ रही है लेकिन शाम तक सभी व्यापारी व रोजागार लाकडाउन का पालन करते हुए अपने-अपने घरों में पहुंच जाते है। जनपदवासी शासन प्रशासन का पूर्ण सहयोग कर रहे हैं। रमजान में खुदा की रहमत व बरकत सैलाब की तरह आती है। इसमें रोजेदार के छोटे-छोटे गुनाह कम जाते हैं। इसके बाद रोजेदार मुत्तकी और परहेजगार की सफ में खड़ा हो जाता है। रोजा इंसान को गुनाहों से रोकता है। नफ्स पर लगाम लगाने में मदद करता है। रोजा रोजेदार को जहन्नुम की आग से बचाता है। सब्र और जब्त के साथ गरीबों व जरूरतमंदों से मुहब्बत करना सिखाता है। कयामत के दिन रोजा बंदे की शफाअत करेगा। रोजा मानव स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। यह गुनाहों का कुफ्फारा है। रमजानुलमुबारक में खुदा की रजा और खुश्नुदी हासिल करने के लिए इबादत में अधिक से अधिक समय लगायें।
जनपद के रोजगार तहज्जुद की नमाज, तस्बीह, तिलावत-ए-कलाम पाक, जिक्रेइलाही के साथ अस्तगफार की कसरत करते हुए जहन्नुम की आग से पनाह मांगते क्योंकि रोजेदार की दुआ खुदा की बारगाह में कभी खाली नहीं की जाती है किन्तु अफसोस है कुछ वैसे मुसलमान पर, जिसने इस माह-ए-मुबारक को पाया, लेकिन इसकी कदर नहीं की और सामान्य दिनों की तरह मनचाही जिंदगी गुजारी तो वैसे लोगों के लिए रमजान के महीने में भी कुछ हासिल नहीं हो पाया। जनपद में गर्मी के बावजूद बुजुर्ग और युवा रोजेदारों के साथ-साथ नन्हे रोजेदारों में भी नमाज का जज्बा दिखाई दे रहा है। सफेद लिबास, सिर पर टोपी और लबों पर अल्लाह का जिक्र करते रोजेदार पूरी शिद्दत के साथ रोजे का एहतराम करते हुए अपने-अपने घरों में ईबादत कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन द्वारा लगातार जनता को आगाह किया जाता है कि अफवाहों से बचे, और आफवाहों को फैलने से रोके तथा शासन प्रशासन का सहयोग करें। कुछ अराजक तत्व अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं, इनसे सभी नागरिक सतर्क रहें, और शांतिपूर्वक त्यौहार को मनाएं।
अब्दुल मुईद/रियाज वारिस एस0एम0न्यूज 24 टाइम्स

