बदायूं कारवान ए अमजद अकादमी द्वारा मुख्तार तिलहरी का सम्मान 

मुकीम अहमद अंसारी

बदायूं। कारवाने अमजद एकेडमी की ओर से मोहल्ला सोथा स्थित सादिक अलापुरी के आवास पर शाहजहांपुर से तशरीफ़ लाए मेहमान शायर मुख्तार तिलहरी के सम्मान में मुशायरे का आयोजन किया गया। जिस की अध्यक्षता उस्ताद शायर डा० मुजाहिद नाज़ बदायूंनी वा मुख्य अतिथि आलमी शोहरत आफता शायर मुख्तार तिलहरी और संचालन युवा शायर उज्जवल वशिष्ठ ने किया मुशायरे के तत्पश्चात मेहमान शायर मुख्तार तिलहरी का संस्था अध्यक्ष अहमद अमजदी बदायूॅंनी और संस्था सचिव राजवीर सिंह तरंग द्वारा गुलपोशी, मोमेंटो, और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया मुशायरे के अध्यक्ष उस्ताद शायर डा० मुजाहिद नाज़ का भी मोमेंटो और गुलपोशी से सम्मान किया गया उसके बाद सभी शोअरा हज़रात का संस्था द्वारा गुलपोशी की गई

मुशायरे का आगाज़ शाकिर रजा बदायूंनी ने नाते पाक से किया, उन्होंने पढ़ा-

मुझको तयबा में बुलाएंगे हुजूर,

अपना दीदार कराएंगे हुजूर।

अध्यक्षता कर रहे उस्ताद शायर डा० मुजाहिद नाज़ ने पढ़ा

खटकते हैं तिरी आंखों में क्यूं कर

मसाजिद,वक्फ, और रौज़े हमारे

मुख्य अतिथि मुख़्तार तिलहरी ने बदायूं को उर्वरा साहित्यिक धरती बताया और नए कलमकारों की हिम्मत भी बढ़ाई उन्होंने कलाम सुनाया –

ज़िंदगी को ज़िंदगी भर ज़िंदगी समझा मगर

ज़िंदगी फिर भी तलाशे ज़िंदगी करती रही

सुरेन्द्र कुमार नाज़ ने कहा

एक तू ही सफर में अपना था

सीट तू भी बदलके बैठ गया

संस्था अध्यक्ष अहमद अमजदी बदायूॅंनी ने कहा

शराफत का सौदा न हम कर सकें डे

हमारे लिए यह कमाई बहुत है

सादिक अलापुरी कुछ यूं कहा

गश्त करती हैं खुशबुएं उस दम

जब कलंदर ज़मीं पे सोता है

संचालन कर रहे उज्जवल वशिष्ठ ने कहा

इरादा दौड़ने का कर लिया है

अभी आता नहीं चलना सही से

अरशद रसूल ने कहा

ज़माने में कोई अपना नहीं है

किसी से अब हमें ख़तरा नहीं है

संस्था सचिव राजवीर सिंह तरंग ने कहा

लब पर ख़ुदा के नाम को रटता चला गया

दुनिया की उलझनों से मैं बचता चला गया ! मुशायरा देर रात तक चला मुशायरे के अन्त में

अहमद अमजदी बदायूंनी, सादिक अलापुरी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

 

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

Don`t copy text!