जन सेवा केंद्र की आड़ में वसूली का खेल, पत्रकार को धमकी देने वाले तथाकथित ‘यूट्यूबर’ पर कार्रवाई की मांग
मुकीम अहमद अंसारी
बदायूँ। सहसवान क्षेत्र के दहगंवा निवासी एक जन सेवा केंद्र संचालक द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर अपना रौब दिखाकर आम जनता व अस्पतालों से अवैध वसूली किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। खुद को पत्रकार बताने वाला यह व्यक्ति अब सच्चाई सामने आने पर पत्रकारों को ही निशाना बना रहा है और उन्हें जान-माल की धमकी दे रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, दहगंवा स्थित जन सेवा केंद्र की आड़ में यह व्यक्ति लंबे समय से अवैध गतिविधियों और वसूली में लिप्त था। जब तहसील सहसवान के निष्पक्ष पत्रकारों ने इसके ‘गोरखधंधों’ की पड़ताल की और सच्चाई सामने आई, तो आरोपी बौखला गया। अपनी आर्थिक धांधली पर लगाम लगते देख, यह तथाकथित यूट्यूबर पत्रकारों पर समझौते का दबाव बनाने लगा।
आरोप है कि पत्रकार द्वारा खबर चलाने के बाद आरोपी ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी है और खुलेआम जान-माल का भय दिखा रहा है।
इस घटना के बाद सहसवान के पत्रकार एकजुट हो गए हैं। पत्रकारों का आरोप है कि ऐसे तत्वों के कारण पत्रकारिता की गरिमा धूमिल हो रही है और प्रशासन की चुप्पी संदेहास्पद है।
इस संदर्भ में, पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सहसवान प्रभारी निरीक्षक और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस वसूलीबाज और धमकी देने वाले व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
क्षेत्र में चर्चा है कि एक अदना सा जन सेवा केंद्र संचालक किस प्रकार सरकारी तंत्र पर अपना प्रभाव जमाए हुए है कि वह सरेआम पत्रकारों को धमकाने का दुस्साहस कर रहा है। जनता अब स्थानीय प्रशासन से यह जानना चाहती है कि इस तथाकथित पत्रकार की अवैध वसूली और धमकियों पर अभी तक चुप्पी क्यों साधी गई है।
*एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

